केंद्रीय विद्युत मंत्री आरके सिंह ने सी.एम. साइन्स कॉलेज में छात्रावास बिल्डिंग का किया शिलान्‍यास

RK SINGH
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दरभंगा के सीएम साइंस कॉलेज के ऐतिहासिक आर्यभट्ट छात्रावास की बिल्डिंग का शिलान्यास वर्चुअल माध्यम से किया गया. नवीन एवं नवीकरण ऊर्जा और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री आरके सिंह और राज्य मंत्री (कौशल विकास और उद्यमिता) द्वारा इस परियोजना का शिलान्यास किया गया. इस मौके पर दरभंगा के सांसद गोपाल जी ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में ऑनलाइन जुड़े रहे. इसके अलावा दरभंगा के विधायक संजय सरावगी की उपस्थिति में इस शिलान्यास कार्यक्रम का आयोजन हुआ.

इस अवसर पर पावरग्रिड के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए आर. के. सिंह ने कहा, ”पॉवरग्रिड ने राष्ट्र के निर्माण के लिए अपनी ट्रांसमिशन लाइनों के माध्यम से न केवल 99% से अधिक उपलब्धता बनाए रखी है लेकिन कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों को भी अपना रहा है.”

उन्होंने आगे कहा कि COVID-19 महामारी के दौरान भी पॉवरग्रिड ने अपने विशाल नेटवर्क को बनाए रखने के लिए लगातार काम किया है और साथ ही साथ 1836 MT राशन और पीपीई (PPE) किट वितरित करके 2.51 लाख लाभार्थियों को सहायता प्रदान की है. इसके अलावा पॉवरग्रिड ने 200 करोड़ रुपये की धनराशि पीएम केयर फंड को प्रदान की गई है.

ऊर्जा मंत्री ने पावरग्रिड द्वारा बिहार में सीएसआर पहल के तहत कई प्रमुख परियोजनाएं का भी ज़िक्र किया, जैसे DMCH, दरभंगा में पावरग्रिड विश्राम सदन का निर्माण, पटना में इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान में ‘पावरग्रिड विश्राम सदन’ (परियोजना पूर्ण तथा व्यवस्था परिचालन में है), बिहार राज्य स्वास्थ्य सोसाइटी को दस (10) एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस का वितरण और भोजपुर जिले (आरा) में ग्रामीण विकास परियोजनाएं.

हॉस्टल में होंगी कई सुविधाएं

7.5 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से सी. एम. साइंस कॉलेज, दरभंगा में बनने वाले इस आर्यभट्ट बॉयज़ हॉस्टल में 150 बेड होंगे. इसके साथ ही पावरग्रिड सीएसआर के तहत ही सी.एम. साइंस कॉलेज में पार्क का भी विकास किया जाएगा. इस परियोजना से सी. एम. साइंस कॉलेज में अध्ययनरत छात्रों को पर्याप्त आवास सुविधा प्रदान करने में मदद मिलेगी और कॉलेज के छात्रों के लिए विभिन्न शैक्षिक कार्यक्रमों की मेजबानी के लिए पर्याप्त ढांचागत सुविधा उपलब्‍ध होगी.

बता दें कि पावरग्रिड द्वारा लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से दरभंगा के डी.एम.सी.एच में पावरग्रिड विश्राम सदन का भी निर्माण किया जा रहा है. इस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है.

भारत सरकार का ‘महारत्न’ है पावर ग्रिड

पावरग्रिड, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक ‘महारत्न’ सार्वजनिक उद्यम है जो अत्याधुनिक रखरखाव तकनीकों, स्वचालन एवं डिजिटलीकरण के उपयोग से अपने विशाल नेटवर्क की उपलब्‍धता 99% से ऊपर बनाए रखता है. अगस्त, 2020 की समाप्ति पर पावरग्रिड और उसकी सहायक कंपनियों की कुल पारेषण परिसंपत्तियों में 1,64,511 सर्किट किमी की पारेषण लाइनें, 249 सब-स्टेशन और 4,14,774 एमवीए से अधिक की ट्रांसफार्मेशन क्षमता सम्मिलित है.