चुनाव आयोग अधिकारी का फाइल फोटो

नई दिल्ली. चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा पर सख्त कदम उठाया है. आयोग ने बंगाल में गुरुवार रात 10 बजे से चुनाव प्रचार पर रोक लगा दी है. इसके अलावा आयोग ने राज्य के प्रधान सचिव और गृह सचिव की छुट्टी कर दी है. साथ ही आयोग ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालने पर भी बैन लगा दिया है.

उधर चुनाव आयोग के सख्त कार्रवाई पर ममता बनर्जी भड़क गई हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी के निर्देश पर चुनाव आयोग ने ये फैसला लिया है.

मुख्य सचिव को दी गई गृह विभाग की जिम्मेदारी

चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के कई अफसरों पर कार्रवाई की है. एडीजी सीआईडी राजीव कुमार को हटाकर गृह मंत्रालय भेजा गया. प्रधान सचिव, स्वास्थ्य सचिव को भी उनके पद से हटाया गया. मुख्य सचिव को दी गई गृह विभाग की जिम्मेदारी.

कल शाम 10 बजे से प्रचार पर लगाया बैन

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में आखिरी चरण के प्रचार का समय भी चुनाव आयोग ने घटा दिया है. कल शाम 10 बजे   से प्रचार पर बैन लगा दिया गया है. राज्य में हो रही हिंसा के मद्देनजर चुनाव आयोग ने आर्टिकल 324 का इस्तेमाल किया है.

अंतिम चरण में बंगाल में 9 सीटों पर होगा चुनाव

बता दें कि अंतिम चरण में बंगाल में 9 लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव होगा. इसमें दमदम, बारासात, बशीरहाट, जयनगर, मथुरपुर, जादवपुर, डायमंड हर्बर, दक्षिण और उत्तर कोलकाता शामिल है.

अमित शाह पर दो थानों में एफआइआर

बंगाल हिंसा में ईश्वरचंद्र विद्यासागर की मूर्ति को तोड़े जाने  के मामले में  छात्र-छात्राओं ने दो थानों में अमित शाह समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ दो एफआइआर दर्ज कराई है. पुलिस  ने गैर जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है. इस मामले में अभी तक 58 बीजेपी समर्थकों को पुलिस ने गिरफ्तार है.

जुलूस निकालकर वामदलों ने जताया विरोध

अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा और ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में माकपा समेत अन्य वामपंथी दलों के नेतृत्व में जुलूस निकाला गया. कॉलेज स्क्वायर से हेदुआ तक विरोध जुलूस निकालकर वामदलों ने हिंसा व तोड़फोड़ की निंदा की गई. वहीं, वामदलों द्वारा घटना के पीछे वास्तविक तथ्यों का पता लगाने के लिए संपूर्ण मामले की जांच की बात कही गई.