जाति का चुनावी बवाल-जात न पूछो हनुमान की   

हनुमान जी की जाति को लेकर यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है. कहीं बीजेपी नेता योगी के समर्थन में दिख रहे हैं तो कहीं इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है. वहीं योग गुरू रामदेव भी इस विवाद में कूद पड़े हैं. अलवर में 27 नवंबर को प्रचार के दौरान योगी ने हनुमानजी को वंचित और दलित बताया था.
राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने योगी आदित्यनाथ के हनुमान जी की जाति को लेकर दिए गए बयान का समर्थन किया. उन्होंने जोधपुर में पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि योगी ने कुछ गलत नहीं बोला. उन्होंने कहा कि हनुमान आदिवासी और दलित सभी के भगवान हैं. इसमें उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा वानर तो जंगलों में ही रहते हैं. योगी जी नाथ संप्रदाय के मुखिया हैं, बहुत ज्ञानी हैं.
केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने कहा कि हनुमान आर्य थे. उन्होंने कहा ‘भगवान राम और हनुमान जी के युग में इस देश में कोई जाति व्यवस्था नहीं थी, कोई दलित, वंचित, शोषित नहीं था. वाल्मीकी रामायण और रामचरितमानस को आप पढ़ेंगे तो आपको मालूम चलेगा कि उस समय को जाति व्यवस्था  नहीं थी. उन्होंने आगे कहा कि ‘हनुमान जी आर्य थे. उस समय आर्य जाति थी और हनुमान जी उसी आर्य जाति के महापुरुष थे.
भगवान हनुमानजी की जाति को लेकर हो रही बयानबाजी के बीच शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अब उन्हें ब्राह्मण बताया. उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी ने  हनुमानजी के बारे में लिखा है कि कांधे मूज जनेऊ साजे, इसका सीधा सा अर्थ है कि वे ब्राह्मण थे न कि दलित. उन्होंने कहा कि हनुमान को दलित कहना उनका अपमान है.
वहीं योग गुरु रामदेव ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है. रामदेव ने कहा कि गुणों के आधार पर हनुमान ब्राह्मण हैं. रामदेव ने कहा कि शास्त्रों में भगवान हनुमान की जाति का कोई उल्लेख नहीं है. लेकिन गुणों और कर्म के आधार पर वह ब्राह्मण हैं.
रामदेव ने कहा, भगवान हनुमान वेदों के ज्ञाता हैं. भारतीय संस्कृति के मूल में जन्म के आधार पर जाति की व्यवस्था नहीं है, बल्कि कर्म इसका आधार है.  इसलिए भगवान हनुमान कर्म के आधार पर ब्राह्मण हैं. वह योद्धा हैं, इसिलए क्षत्रिय हैं.
इससे पहले योगी आदित्यनाथ के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष नंद कुमार साय ने गुरुवार को कहा था कि भगवान हनुमान आदिवासी हैं.
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के हनुमानजी की जाति वाले बयान के खिलाफ जयपुर के हनुमानजी के मंदिरों में प्रार्थना सभाएं भी रखी गई.
यह प्रार्थना सर्व ब्राह्मण महासभा ने की. महासभा ने हनुमानजी का अपमान नहीं सहेगा राजस्थान” अभियान भी शुरू किया है.
महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश मिश्रा ने कहा कि भाजपा के स्टार प्रचारक योगी ने हमारे हनुमानजी को जाति विशेष में बांटा है.
 
हिन्दुस्थान समाचार/ मधुकर
 

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