कोरोना काल को भी अवसर बनाएंगे-पढ़िए पीएम मोदी की 10 बड़ी बातें

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Modi) ने गुरुवार को आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत निजी क्षेत्र के लिए 41 कोयला खदानों (41 coal mines) की नीलामी (Auction) की प्रक्रिया की शुरुआत की. पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा- भारत की आपदा पर आंसू बहाने की फितरत नहीं है, हम इस संकट को अवसर में बदलेंगे.

ये हैं पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

1- भारत कोरोना से लड़ेगा और इससे आगे भी बढ़ेगा. इस संकट ने भारत को आत्मनिर्भर होने की सीख दी है. आत्मनिर्भर भारत का मतलब है कि आयात पर निर्भरता को खत्म करना.

2- भारत कोरोना जैसी आपदा पर रोने वाला देश नहीं है, बल्कि ऐसी आपदाओं को अवसर बनाने वाला देश है.
आज ऊर्जा क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है.

3- महीने भर के अंदर हर घोषणा, हर रिफॉर्म्स, चाहे वो कृषि क्षेत्र में हो, चाहे सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्योग क्षेत्र में हो या फिर अब कोयला और खनन के सेक्टर में हो, तेजी से जमीन पर उतर रहे हैं.

4- साल 2014 के बाद इस स्थिति को बदलने के लिए एक के बाद एक कई कदम उठाए गए. जिस कोल लिंकेज की बात कोई सोच नहीं सकता था, वो हमने करके दिखाया.

5- हमने लक्ष्य रखा है कि साल 2030 तक करीब 100 मिलियन टन कोयले को गैसीफाई किया जाए.
कोयले से गैस बनाने की चार परियोजनाओं की पहचान हो चुकी है, इन पर करीब-करीब 20,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा.

6- देश में 16 जिले ऐसे हैं, जहां कोयले के बड़े-बड़े भंडार हैं, लेकिन इनका लाभ वहां के लोगों को उतना नहीं हुआ, जितना होना चाहिए था.

7- आत्मनिर्भर भारत यानी भारत आयात पर खर्च होने वाली लाखों करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा बचाएगा.
आत्मनिर्भर भारत यानी भारत को आयात न करना पड़े, इसके लिए वो अपने ही देश में साधन और संसाधन विकसित करेगा.

8- आज हम सिर्फ कॉमर्शियल कोल माइनिंग के लिए नीलामी प्रक्रिया की शुरुआत नहीं कर रहे हैं, बल्कि कोल सेक्टर को दशकों के लॉकडाउन से भी बाहर निकाल रहे हैं. 

9- इन कोल ब्लॉक्स से इन लोगों को रोजगार मिलेगा और वहां रहने वाले लोगों को अधिक सुविधाएं मिलेंगी.

10- कोयला मंत्रालय के मुताबिक इन कोयला ब्लाक की वाणज्यिक खनन में अगले पांच से सात साल में करीब 33,000 करोड़ रुपये का निवेश अनुमानित है.

कोयला मंत्रालय (Ministry of Coal) आज वाणिज्यिक खनन के लिए 41 कोयला ब्लाक की नीलामी के लिए प्रक्रिया शुरू की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के आह्वान के अनुरूप इस पहल का मकसद ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में आत्मनिर्भरता हासिल करना और औद्योगिक विकास को गति देना है.