देशवासियों को पीएम मोदी ने दी गुरु पूर्णिमा की बधाई, कहा-बौद्ध धर्म ने अहिंसा और शांति का संदेश दिया

नई दिल्ली. आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Modi) ने आज आषाढ़ पूर्णिमा के मौके पर देश के नाम एक संबोधन दिया. पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश देकर भगवान बुद्ध की आठ शिक्षाओं का जिक्र किया. 

इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) ने सुबह 9 बजे के करीब राष्ट्रपति भवन में धर्म चक्र दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों का उद्घाटन किया. जिसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आयोजित धर्म चक्र दिवस समारोह को संबोधित किया.

प्रधानमंत्री कार्यलय ने ट्वीट करते हुए कहा, मैं आज आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर सभी को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं. इसे गुरु पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है. यह हमारे गुरुओं को याद करने का दिन है, जिन्होंने हमें ज्ञान दिया.उस भावना से, हम भगवान बुद्ध को श्रद्धांजलि देते हैं.

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो के जरिए देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि बौद्ध धर्म लोगों को आदर करना सिखाता है. लोगों के लिए आदर करना, गरीबों के लिए आदर रखना, महिलाओं को आदर देना. शांति और अहिंसा का आदर करना. इसलिए बुद्ध द्वारा दी गई सीख आज भी प्रसांगिक है.

पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

  • ‘मैं आज आषाढ़ पूर्णिमा के अवसर पर सभी को अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं.
  • भगवान बुद्ध का आष्टांगिक मार्ग कई समाज और राष्ट्र के कल्याण की दिशा में रास्ता दिखाता है. ये करुणा और दया के महत्व पर प्रकाश डालता है.
  • भगवान बुद्ध के बताए आठ मार्ग कई समाजों और राष्ट्रों के लिए कल्याण का रास्ता दिखाते हैं.
  • पीएम मोदी ने धर्मचक्र कार्यक्रम में कहा आशा और उद्देश्य के बीच काफी मजबूत लिंक है. क्योंकि आशा से ही उद्देश्य पैदा होता है.
  • विश्व मुश्किल हालातों का सामना कर रहा है. इन सभी चुनौतियों का समाधान गौतम बुद्ध के विचारों से किया जा सकता है. ये पहले भी प्रसांगिक थे. अभी भी हैं और आगे भी रहेंगे.
  • भगवान बुद्ध ने दया का संदेश दिया है और लोगों में उम्मीद बनी रहनी चाहिए.बुद्ध के विचारों से हम चुनौती से निपटेंगे.
  • जिस समय दुनिया चुनौती का सामना कर रही है उस वक्त तेज तर्जार युवा मन वैश्विक समस्याओं का हाल लेकर सामने आ रहा है. इस समय भारत के पास सबसे बड़ा स्टार्ट अप इको सिस्टम है.

केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) आषाढ़ पूर्णिमा को धर्म चक्र दिवस के रूप में मना रहा है. धर्म चक्र दिवस, उत्तर प्रदेश के वाराणसी के निकट वर्तमान सारनाथ में हिरण पार्क, रुपपटाना में अपने पहले पांच तपस्वी शिष्यों को बुद्ध के पहले उपदेश की याद दिलाता है.

इस दिन को दुनिया भर के बौद्धों द्वारा धर्म चक्र परिवर्तन या धर्म के चक्र की ओर मुड़ने के दिन के रूप में भी मनाया जाता है. आज ही के दिन महात्मा बुद्ध ने अपने पहले पांच शिष्यों को प्रथम उपदेश दिया था. इसी मौके पर पूरी दुनिया के बौद्ध हर साल इसे धर्म चक्र प्रवर्तन दिवस के रूप में मनाते हैं. वहीं हिंदू धर्म में आज का दिन गुरु के प्रति सम्‍मान व्‍यक्‍त करने का होता है और इसे गुरु पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है.

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