संसद में PM Modi के भाषण की 10 बड़ी बातें

लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) , राष्ट्रपति कोविंद (President Kovind) के धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब दिया.

  1. पीएम मोदी ने इस दौरान पिछली सरकार के कार्यों का जिक्र करते हुए, ये भी बताया कि वे किस तरह से सरकार चलाएंगे. पीएम मोदी ने कहा कि देश को आधुनिक बनाने के लिए हमने जोर दिया. आधुनिक भारत में अनेक चुनौतियों से लड़ते हुए हमें आगे बढ़ना है. हाइवे, रेल, महिला सशक्तिकरण पर हमने जोर दिया. पीएम ने कहा कि शौचालय सिर्फ चार दिवारें नहीं हैं, बल्कि एक महिला का सम्मान है.
  2. पीएम मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि हम किसी की लकीर छोटी करने में अपना समय व्यर्थ नहीं करते. अपनी लकीर लंबी करने की सोचते हैं. आपकी ऊंचाई आपको मुबारक हो, क्योंकि आप इतने ऊंचे चले गए हैं कि जमीन दिखना बंद हो गई है. हमारा सपना जड़ों से जुड़ना है.
  3. पीएम मोदी ने चुनौती देते हुए कहा कि 2004 से 2014 तक शासन में बैठे में लोगों ने एक बार भी अटल जी के सरकार के कार्यों की तारीफ की हो तो बताएं. पीएम मोदी ने कहा कि उन लोगों ने डॉ. मनमोहन सिंह का नाम भी लेना छोड़ दिया है. हम वो लोग नहीं.
  4. पीएम मोदी ने गांधी परिवार पर वार करते हुए कहा वहां (कांग्रेस) परिवार के सिवा किसी को कुछ नहीं मिलता. प्रणव दा किस दल से आते हैं, हमने कभी नहीं सोचा.
  5. आपातकाल की ओर इशारा करते हुए पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर वार किया. पीएम मोदी ने कहा कि 25 जून की उस रात को संविधान की आत्मा को कुचल दिया गया था. देश की मीडिया को दबोच दिया गया था. देश को जेलखाना बना दिया गया था.
  6. पीएम मोदी ने कहा कि आपातकाल के दाग को याद करना इसलिए जरूरी है, क्योंकि फिर से कोई ऐसा करने की सोचे भी नहीं. उस वक्त भी देश की जनता ने जाति-पात, संप्रदाय से ऊपर उठकर लोकतंत्र को मजबूत किया था. और इस बार एक बार फिर से देश ने लोकतंत्र को मजबूत किया है.
  7. पीएम मोदी ने राष्ट्रपिता गांधी जी की 150वीं जयंती और आजादी के 75 वर्ष पूरे होने की तारीखों को याद करना देश का ऐजेंडा बताया. उन्होंने कहा कि ये एक अवसर है, जिसे हमें पकड़ना चाहिए. पीएम मोदी ने सभी सांसदों से अपील करते हुए कहा कि राष्ट्रपति जी ने हमें जो आदेश दिया है. उसे हम पूरा करें.
  8. पीएम मोदी ने कहा कि महात्मा गांधी ने पूरे हिंदुस्तान में आजादी के लिए माहौल बना दिया था. क्या हम गांधी के 150 और आजादी 75वीं पर देश को उस स्प्रिट के साथ आगे आ सकते हैं. अधिकार से ऊपर उठकर कर्तव्य को बल देने के लिए आगे आ सकते हैं.
  9. पीएम मोदी ने कहा कि तत्कालीन लाभ मेरी सोच का दायरा नहीं होता है. छोटा सोचना मुझे पसंद नहीं है. और मुझे लगता है कि 125 करोड़ देशवासियों के लिए यदि मुझे जीना है तो छोटा सोचने का मुझे अधिकार भी नहीं.
  10. पीएम मोदी ने कहा कि इस सरकार को अभी तीन सप्ताह हुए हैं. लेकिन किस तरह से तीन सप्ताह में कितने महत्वपूर्ण फैसलों का निर्णय ले लिए गए हैं. किसान, सेना के जवानों के साथ पुलिस के जवानों का भी ख्याल किया. उन्होंने कहा कि हमें आराम पसंद नहीं, हम देश के लिए जीने के लिए आए हैं.

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