पीएम मोदी के ये 5 वादे जो बनाएंगे कश्मीर का सुनहरा भविष्य

नई दिल्ली. जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) से अनुच्छेद 370 (Article 370) और 35ए (35 A) खत्म किए जाने के बाद गुरुवार को प्रधानमंत्री ने देश को संबोधित किया.

पीएम मोदी ने लगभग 40 मिनट के संबोधन में उन्होंने विरोध करने वाले राजनीतिक दलों से भी आग्रह किया कि अब सरकार के साथ खड़े होकर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के विकास के लिए काम करें.

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘हम सभी चाहते हैं कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) विधानसभा के चुनाव हों, नई सरकार बने, मुख्यमंत्री बने.

पीएम (Pm Modi) ने कहा कि मैं जम्मू-कश्मीर के लोगों को भरोसा देता हूं कि आपको बहुत ईमानदारी के साथ, पूरे पारदर्शी वातावरण में अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में जम्मू-कश्मीर के युवाओं को कश्मीर के शानदार भविष्य के बारे में बताया. साथ ही नौजवानों को मुख्यधारा और नीति निर्धारण की भी बीत कही.

उन्होंने वादा किया कि वहां कि जनता को करप्शन से लगाम लगाएंगे. पीएम मोदी द्वारा कश्मीरियों के लिए किए गए पांच बड़े वादें:-

1- अल्पसंख्यकों की सुरक्षा
देश को दूसरे प्रदेशों अल्पसंख्यकों के हक के लिए माइनॉरिटी एक्ट लागू है, जबकि जम्मू-कश्मीर में ऐसा नहीं था. अब यहां भी ये एक्ट लागू होगा.

2- सफाईकर्मियों के साथ न्याय
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत के दूसरे राज्यों में सफाई कर्मचारियों के लिए सफाई कर्मचारी एक्ट लागू है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के सफाई कर्मचारी को इसका लाभ नहीं था. अब उन्हें भी इसका फायदा मिलेगा.

3- रोजगार दिलाने का वादा
पीएम ने कहाकि जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में केंद्रीय और राज्य के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इससे स्थानीय नौजवानों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. यहां केंद्र की पब्लिक सेक्टर यूनिट्स और प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को भी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

4- भ्रष्टाचार मुक्त होगा राज्य
PM मोदी ने कहा कि हमने जम्मू-कश्मीर प्रशासन में एक नई कार्य संस्कृति लाने, पारदर्शिता लाने की कोशिश की है. पीएम मोदी ने कहा, ‘पहले की सरकारें कानून बनाकर वाहवाही लूटती थीं, वो भी ये दावा नहीं कर पाती थीं कि उनका कानून जम्मू-कश्मीर में भी लागू होगा. उन कानूनों के लाभ से इस राज्य के लोग वंचित रह जाते थे.

5- शरणार्थियों को वोट देने का का अधिकार
जम्मू-कश्मीर में दशकों से, लाखों लोग हैं जिन्हें लोकसभा के चुनाव में तो वोट डालने का अधिकार था, लेकिन वो विधानसभा और स्थानीय निकाय के चुनाव में मतदान नहीं कर सकते थे. ये वो लोग हैं जो बंटवारे के बाद पाकिस्तान से भारत आए थे. अब इनको भी वोट देने का हक मिलेगा.

जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 और अनुच्छेद 35 ए हटाए जाने के बाद पहली बार राष्ट्र को संबोधित करने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में होने वाले विधानसभा के चुनाव का जिक्र भी किया.

पीएम मोदी ने आगामी ईद का भी जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि किसी को त्योहार मनाने में कोई दिक्कत नहीं आएगी.

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