पीएम मोदी ने 'खादी' को बना दिया ब्रांड

21 जून को रांची में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजारों लोगों के साथ खादी की मैट पर योगा किया जिसके जिसके बाद इस मैट और खादी के प्रति लोगों का रूझान और बढ़ गया है.

इस बार लोग ये देखकर खुश हुए कि सिंथेटिक मैट की जगह खादी की मैट का प्रयोग किया गया था. ये मैट पूरी तरह से हाथ से बनाई गई थी.

खादी की मैट की खासियत- मैट की खास बात यह है कि इन पर बैठकर योग क्रिया करने से पसीना नहीं आता. ये पसीना सोख लेती हैं. यह मैट पर्यावरण के लिहाज से अनुकूल है.

इस खास योग चटाई को Khadi and Village Industries Commission (केवीआइसी) ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हरियाणा की 17 खादी संस्थाओं में तैयार कराया था.

खादी ग्रामोद्योग आयोग ने योगा डे पर आकर्षक योग किट पेश किया. किट में कुर्ता-पायजामा के साथ योग चटाई भी थी.

हालांकि खादी के प्रति लोगों का रुझान नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से बढ़ना शुरु हो गया. 2014 खादी के लिए पुनर्जीवन का साल साबित हुआ.

पीएम ने विभिन्न मंचों से अपील की कि खादी को देश का हर नागरिक अपने परिधानों में शामिल करें. उन्होंने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी देश की जनता से खादी पहनने की अपील की.

खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन और खादी फॉर ट्रांस्‍फॉरमेशन का आह्वान- खादी को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कई बार लोगों से खादी फॉर नेशन, खादी फॉर फैशन और खादी फॉर ट्रांस्‍फॉरमेशन का आह्वान करते हुए खादी के कपड़े और खादी से बने प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने की अपील की थी. पीएम की बात को जनता ने गंभीरता से लिया और आज पांच साल बाद खादी खुद में एक ब्रांड बन गया है.

भारतीय संस्कृति का हिस्सा रही खादी
खादी हमेशा से भारतीय संस्कृति का हिस्सा रही है. भारतीय लोग अपने परिधानों में इसका उपयोग करते रहे हैं. आजादी के आंदोलन में खादी का अहम योगदान रहा है. लेकिन बाद के समय में इसका प्रयोग धीरे -धीरे कम होने लगा. बाजारीकरण के बाद से तो ये वेंटिलेटर पर अपनी अंतिम सांसें ले रहा था.

लौटे खादी के अच्छे दिन
मोदी राज में खादी के अच्छे दिन लौट आए हैं. खादी एडं विलेज इंडस्ट्री कमीशन (केवीआईसी) के मुताबिक पिछले 5 साल में खादी की बिक्री में 145 फीसदी का इजाफा हुआ है.

कभी एक दौर था जब खादी ने ग्रामीण स्तर पर लोगों को रोजगार के क्षेत्र में भी स्वावलंबी बनाया था. बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार का जरिया खादी था. लेकिन समय के साथ गिरावट आती गई.

5 साल में कुल मिलाकर 145 फीसदी बिक्री बढ़ी-
फाइनेंशियल ईयर 2014-15 में खादी की बिक्री 1310 करोड़ रुपए की थी, जो कि फाइनेंशियल ईयर 2018-19 में बढ़कर 3215 करोड़ रुपए हो गई. इस दौरान मैनपावर में करीब 24 फीसदी की कटौती करके खादी को फायदा पहुंचाया गया है.

साल 2014 में खादी की सेल्स टीम 2002 लोगों की थी, जिसे कम करके 1535 कर दिया गया है. पिछले 5 साल में खादी में कुल मिलाकर 145 फीसदी की बिक्री बढ़ी है.

नमो ऐप से पिछले 4 से 5 महीनों में करीब 7 हजार खादी जैकेट बिकी है. साथ ही खादी के हर एक स्टोर से औसत तौर पर 200 मोदी जैकेट और कुर्ता बिके हैं. इसे देखते हुए फाइनेंशियल ईयर 2019-20 में अंत 5000 करोड़ रुपए सेल का टारगेट किया है.

वहीं, मनमोहन सरकार के 10 साल के कार्यकाल में खादी की ग्रोथ 6.28 फीसदी रही थी. जबकि प्रोडक्‍शन महज 6.48 फीसदी था, जो मोदी राज में बढ़ा है.

खादी में आने लगी हैं वैरायटी-
लेकिन मोदी सरकार की नई पहल के बाद पिछले 5 साल में खादी की बिक्री में 125 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है. खादी ने अपने उत्‍पादों में समय के साथ कई बदलाव किए हैं, जिसमें डेनिम जींस, स्‍कर्ट, जैकेट और बच्‍चों और महिलाओं के लिए डिजाइनर प्रोडक्‍ट्स भी शामिल है.

बजट में भी खादी को सौगात-
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले बजट में सरकार ने देश में किसानों की आय में वृद्धि और उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बांस, शहद और खादी से संबंधित एक सौ नये कलस्टर बनाने की घोषणा की है.

प्रोडक्‍ट्स और कलेक्‍शन में समय के साथ कई बदलाव-
सरकार की मंशा खादी और ग्रामोद्योग के उत्‍पादित कपड़ों और सामान (प्रोडक्‍ट्स) वैश्‍विक स्‍तर पर ऑनलाइन बेचने की है. खादी के सामान की बिक्री के लिए मोदी सरकार अमेजन और अलीबाबा जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों की तरह एक बड़ी वेबसाइट शुरू करने की योजना बना रही है.

युवा पीढ़ी भी हुई दीवानी
खादी के कपड़ों की दीवानी आज की युवा पीढ़ी भी है. लोगों की पसंद को ध्‍यान में रखते हुए खादी ग्रामोद्योग ने अपने प्रोडक्‍ट्स और कलेक्‍शन में समय के साथ कई बदलाव किए हैं.

विदेश तक में किया खादी को प्रमोट- मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद खादी को कई स्तर पर प्रमोट किया. एक तरीके से वो खुद खादी के ब्रांड एंबेस्‍डर बन गए हैं.

विदेश दौरों पर मोदी ने खादी जैकेट पहनकर उसे प्रमोट करने का काम किया. साथ ही नमो ऐप और अन्य माध्यमों से खादी की सेल बढ़ाने का भी काम किया है.

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