गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक की यात्रा कराएगा गंगा म्यूजियम

pm modi
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जिस गंगा म्यूजियम का लोकार्पण किया है उसे ‘गंगा अवलोकन’ का नाम दिया गया है. यह केंद्र हिमालय में गंगा के उद्गम से लेकर उसके मैदानों और अंत में बंगाल की खाड़ी में विलीन होने तक की यात्रा कराएगा. इस केंद्र में आने वाला आगंतुक गंगा की इस यात्रा में आने वाली जैव विविधता उनके आवास प्रवास का भी दिग्दर्शन कर सकेगा.

प्रधानमंत्री ने जल शक्ति मंत्रालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के तहत हरिद्वार में निर्मित चार परियोजनाओं का मंगलवार को लोकार्पण किया. इनमें तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तथा एक गंगा म्यूजियम शामिल है. गंगा की विशद व्याख्या करने वाले इस म्यूजियम को कुंभ मेला क्षेत्र के मध्य में स्थित चंडी घाट पर बनाया गया है. इस केंद्र में गंगा नदी के अति सुंदर परिदृश्य, विशिष्ट जैव विविधता एवं सांस्कृतिक जीवन तथा आध्यात्मिकता के रंगों को प्रदर्शित किया गया है. यह केंद्र आगंतुकों, पर्यटकों व विद्यार्थियों को हिमालय में गंगा के उद्गम से गंगा के मैदानों, सदाबहार वनों और अंत में बंगाल की खाड़ी में विलीन होने तक की यात्रा कराएगा. आगंतुक गंगा की इस यात्रा में आने वाली जैव विविधता, उनके आवास, प्रवास का भी दिग्दर्शन कर सकेंगे.

अवलोकन केंद्र में एक विक्रय केंद्र भी बनाया गया है जहां पर गंगा नदी के किनारे रहने वाले गंगा प्रहरियों द्वारा बनाए गए उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा. यह विक्रय केंद्र आजीविका के अवसर प्रदान करने के साथ ‘अर्थ गंगा ‘ को समझने और जानने का नया रास्ता खोलेगा. केंद्र में चित्र एवं मॉडलों के माध्यम से छात्रों में युवाओं को गंगा के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध होने की प्रेरणा मिलेगी.

कुल मिलाकर चंडी घाट स्थित घाट पर श्रद्धालुओं को गंगा अवलोकन केंद्र में गंगा के विराट स्वरूप के दर्शन होंगे. चित्र और मॉडलों के माध्यम से जीवनदायिनी गंगा के उद्गम स्थल से लेकर पावन नदी की पूरी यात्रा दिखाई देगी. यह केंद्र भारत की प्राचीन सभ्यता की साक्षी रही गंगा नदी के संरक्षण के लिए भी दर्शकों को प्रेरित करेगा. इसमें गंगा के सुंदर परिदृश्य, विशिष्ट जैव विविधता और सांस्कृतिक छटा का स्वरूप भी देखने को मिलेगा. उद्गम स्थल से लेकर मैदानों से होते हुए गंगासागर तक गंगा यात्रा को चित्र और मॉडलों के माध्यम से दर्शाया गया है. इस म्यूजियम में गंगा में रहने वाले जलीय जीव जंतु व दोनों छोरों पर उगने वाली विविध वनस्पति को भी प्रदर्शित किया गया है. केंद्र में गंगा के जीर्णोद्धार के लिए राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन की ओर से किए जा रहे प्रयासों की भी सचित्र जानकारी मिलेगी.

भारतीय वन्यजीव संस्थान में वरिष्ठ वैज्ञानिक तथा इस केंद्र की नोडल ऑफिसर डॉ. रुचि बडोला बताती हैं कि केंद्र के मध्य में स्थित एक डायोरमा गंगा की जैव विविधता एवं उनके आवास प्रवास (इकोलॉजी) को समर्पित है जो गंगा के महत्वपूर्ण भागों एवं उसमें रहने वाले जीव जंतुओं की विविधता को चित्रित करता है. इसके माध्यम से पर्यटक व तीर्थयात्री गंगा के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को समझ सकेंगे. यह केंद्र गंगा नदी के विशिष्ट व ऐसे अनजाने पहलुओं को भी उजागर करेगा जो म्यूजियम में आने वाले लोगों को गंगा के संरक्षण की महत्ता के लिए जागरूक करने के साथ संकल्प बद्ध भी करेगा.

हिन्दुस्थान समाचार/रजनीकांत