क्या नरेंद्र मोदी नेहरू विचारधारा से उलट हैं?
  • इस बार के चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी को अब तक के चुनावों में सबसे अधिक सीटें नहीं मिली हैं
  • पहले तीन आम चुनावों में जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस को इससे अधिक सीटें मिली थीं

अगर पिछले आम चुनाव में देश की जनता ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आशा प्रकट करते हुए भारतीय जनता पार्टी को पहली बार पूर्ण बहुमत देकर सत्ता में पहुंचाया था तो इस बार की जीत नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता में उनके विश्वास का परिणाम है.

इस बार के चुनाव में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी को अब तक के चुनावों में सबसे अधिक सीटें नहीं मिली हैं. पहले तीन आम चुनावों में जवाहर लाल नेहरू के नेतृत्व में कांग्रेस को इससे अधिक सीटें मिली थीं.

उसके बाद इंदिरा गांधी के नेतृत्व में 1971 और 1980 में कांग्रेस को इससे अधिक सीटें मिलीं. बाद में 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या की भर्त्सना स्वरूप लोगों ने कांग्रेस को सत्ता में पहुंचाया.

कांग्रेस की वह जीत वास्तव में सिख अलगाववाद के खिलाफ की गई लोगों की तीव्र प्रतिक्रिया थी. लोगों को इंदिरा गांधी की हत्या से इतना क्षोभ हुआ था कि कांग्रेस को अब तक की सबसे बड़ी जीत हासिल हो गई थी. लेकिन कांग्रेस की यह सभी विजय उतनी विलक्षण और ऐतिहासिक नहीं थी जितनी नरेंद्र मोदी की इस बार की विजय है.

पहले तीन आम चुनावों में हुई कांग्रेस की विजय जवाहर लाल नेहरू के राजनैतिक पुरुषार्थ का परिणाम नहीं थी. देश में उस समय कांग्रेस को लेकर जो भरोसा था वह महात्मा गांधी के समय पैदा हुआ था.

उनके नेतृत्व में कांग्रेस देश के कोने-कोने में फैलकर देश की आशा और आकांक्षा का प्रतीक हो गई थी. जवाहर लाल नेहरू एक लोकप्रिय नेता थे, लेकिन यह लोकप्रियता उन्हें गांधी जी का निकट सहयोगी होने के नाते ही मिली थी.

उनके शासनकाल में धीरे-धीरे उसका क्षरण हुआ और उनकी मृत्यु के बाद हुए चौथे चुनाव में कांगे्रस केवल किसी विकल्प के अभाव में सत्ता में लौट आई.

राज्यों में अलबत्ता उसका पतन आरंभ हो गया था. पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु उसमें अग्रणी थे. इंदिरा गांधी को बांग्लादेश की लड़ाई के कारण एक पराक्रमी नेत्री अवश्य माना गया.

पूरा लेख पढ़ें यथावत के 1-15 जुलाई के अंक में…

Trending Tags : PM Narendra modi | BJP | Congress |Aaj ka samachar

Leave a Comment

%d bloggers like this: