अम्फानः पीएम मोदी ने प. बंगाल को दिया 1000 करोड़ का राहत पैकेज

कोलकाता, प. बंगाल।

मोदी ने चक्रवात प्रभावित बंगाल के लिए 1000 करोड़ रुपये के राहत पैकेज की घोषणा की है. इसके साथ ही चक्रवात से मारे गए लोगों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक मदद और घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद की घोषणा भी की है.

पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ उत्तर और दक्षिण 24 परगना के चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. इसके बाद बसीरहाट कॉलेज मैदान में समीक्षा बैठक हुई, जहां प्रधानमंत्री ने अम्फन से हुए नुकसान का आकलन किया.

नरेन्द्र मोदी यहां मीडिया से भी मुखातिब हुए. उन्होंने घोषणा की कि पश्चिम बंगाल के चक्रवात प्रभावित लोगों की सुविधा और जरूरतों की पूर्ति के लिए एक हजार करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज केंद्र सरकार देगी. यह तत्काल सहायता है. इसके अलावा केंद्र सरकार और भी आवश्यक मदद करती रहेगी.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह पश्चिम बंगाल के अपने भाइयों- बहनों को विश्वास दिलाते हैं कि इस कठिन समय में पूरा देश उनके साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि जब देश कोरोना संकट से जूझ रहा है, ऐसे में चक्रवात ने बंगाल और ओड़िशा समुद्र तटीय क्षेत्रों को प्रभावित किया है. पश्चिम बंगाल के लोग इससे सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. केंद्र सरकार मजबूती से बंगाल के लोगों के साथ खड़ी है.

मोदी ने कहा कि चक्रवात को लेकर केंद्र सरकार लगातार राज्य सरकार के संपर्क में थी. नुकसान कम से कम हो, इसके लिए दोनों ही सरकारों ने भरसक प्रयास किया. इसके बावजूद लगभग 80 लोगों को बचाया नहीं जा सका. उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि चक्रवात की वजह से कृषि, बिजली, आधारभूत ढांचे, व्यापार, टेलीकम्युनिकेशन सहित व्यापक नुकसान हुआ है.

पीएम मोदी ने कहा कि राज्य व केंद्र सरकारें मिलकर पुनर्वास और पुनर्निर्माण का कार्य करेंगी. इसके लिए जो कुछ भी जरूरी होगा वह केंद्र मदद करेगा. उन्होंने कहा कि जल्द ही केंद्र सरकार की एक टीम पश्चिम बंगाल का दौरा करेगी और नुकसान का आकलन करेगी. तत्काल सहायता के तौर पर ही 1000 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी जा रही है.

मोदी ने कहा कि यह विडंबना ही है कि कोरोना और चक्रवात के खिलाफ लड़ाई में दो विपरीत कदम उठाने पड़ते हैं. कोरोना में जो जहां है वहीं रहने की हिदायत दी जाती है. लोगों से अपने घरों में रहने के लिए कहा जाता है तो वही चक्रवात में घर खाली करने और सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए कहा जाता है. दोनों अलग-अलग लड़ाई हैं. इसमें ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने भरसक प्रयास किया.

मोदी ने राजा राम मोहन राय को याद करते हुए कहा कि आज उनकी जयंती है और इस मौके पर वह बंगाल आए हैं. संकट की इस घड़ी में वह राजा राम मोहन राय के सपने को पूरा करने का संकल्प लेते हैं. आज समूचा देश बंगाल के साथ है. प्रधानमंत्री शुक्रवार सुबह 11 बजे दमदम हवाई अड्डे पर उतरे थे, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने उनकी अगवानी की.

हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश

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