एसएसकेएम अस्पताल में रोगी ने फांसी लगाकर दी जान

कोलकाता. कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में एक रोगी ने फांसी लगाकर जान दे दी है. ये घटना पहली नही है. महानगर के एक ओर अस्पताल में एक दिन पहले भी एक रोगी ने फांसी लगाकर अपनी जान गवां दी थी.

घटना महानगर के एकमात्र सुपर स्पेशलिटी अस्पताल एसएसकेएम की है. यहां रविवार देर रात कार्तिक मिस्त्री (56) नाम के एक रोगी को अस्पताल के सीटीवीएस वार्ड में फंदे से झूलते हुए बरामद किया गया है.

कार्तिक मिस्त्री मूल रूप से दक्षिण 24 परगना जिले के कोडालिया क्षेत्र के शांति नगर कॉलोनी के निवासी थे. एक जुलाई को उन्हें अस्पताल के सीटीवीएस वार्ड में बेड नंबर 20 पर भर्ती कराया गया था.

सोमवार सुबह पुलिस ने बताया कि रात 2:35 मिनट के करीब अन्य मरीजों ने देखा कि उसने अपने वार्ड में सीलिंग और गमछे के सहारे फांसी लगा ली है. उसी वक्त उसे उतारकर इमरजेंसी में ले जाया गया. जहां जांच के बाद उसके मृत होने की पुष्टि हुई. इस घटना ने एक बार फिर अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है.


एसएसकेएम कोलकाता के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है. राज्यभर का जटिल से जटिल मामला यहां रेफर होता है और सत्ता के शीर्ष स्तर से लेकर प्रशासनिक हलके के उच्चाधिकारी तक का यहीं इलाज होता है. बावजूद इसके यहां सुरक्षा में कितनी कोताही बरती गई थी कि एक रोगी अपने बेड से उठा, उसने सीलिंग से गमछा को बांधा, उस पर फंदा भी लगाकर झूल गया और उसकी जान निकलने तक किसी की नजर तक नहीं पड़ी.


वार्ड में नर्स और अन्य कर्मियों को रातभर जागकर ड्यूटी करने का नियम है फिर भी इतनी बड़ी घटना कैसे घटी गई. इसे लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. पुलिस ने इस मामले में अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात अन्य कर्मियों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है.

एक दिन पहले एक और अस्पताल में एक रोगी ने फांसी लगाकर जान दी है. वैसे महानगर के अस्पतालों में इस तरह से रोगियों की मौत और अचानक गायब होना और किसी को पता तक नहीं चलने की घटनाएं नई नहीं हैं.

हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश

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