संसद का मानसून सत्र कल से शुरू, सत्र से पहले 5 सांसदों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई

Parliament Monsoon Session
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सोमवार यानी 14 सितंबर संसद का मानसून सत्र शुरू हो रहा है. कोरोना वायरस के मद्देनजर इस बार मानसून सत्र में काफी कुछ बदला-बदला नजर आएगा. कोरोना के कारण इस बार संसदीय कार्य मंत्री संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक नहीं करेंगे.

इस बार सत्र में हिस्सा लेने के लिए सांसदों को अपनी, अपने परिवार के सदस्यों और नजदीकी संपर्क वाले व्यक्तियों की कोरोना निगेटिव रिपोर्ट लानी होगी. इसी बीच लोकसभा के 5 सांसद कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं. सत्र की शुरुआत से पहले सभी सांसदों की कोरोना जांच की गई जिसमें 5 सांसदों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. वहीं अभी बाकी सांसदों का परीक्षण किया जा रहा है.

इस बार दोनों सदनों में सदन के नेता और विपक्ष के नेता को छोड़कर किसी भी सदस्य के बैठने की सीट तय नहीं की गई है. समय की कमी के चलते इस बार 18 दिनों तक लगातार संसद चलेगी. कोराना और लॉकडाउन के चलते इस बार 2 संसद सत्रों के बीच करीब 6 महीनों का अंतर रहा है.

इस बार लोकसभा और राज्यसभा दो पालियों में चलेंगीं, रोजाना सुबह 9 बजे से 1 बजे तक राज्यसभा का सत्र चलेगा, उसके बाद दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक लोकसभा का सत्र चला करेगा. बीच के 2 घंटे में संसद को सैनिटाइज करने का कार्य होगा.

कई सांसद इस बार संसद के मानसून सत्र में शामिल नहीं होंगे. इसमें कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम भी शामिल है, जो कुछ दिनों तक संसद के सत्र में शामिल नहीं हो पाएंगी. सोनिया अपनी वार्षिक चिकित्सा जांच के लिए अमेरिका रवाना हो गई. उनके साथ राहुल गांधी भी गए हैं. सोनिया के कम-से-कम 2 सप्ताह बाद देश लौटने की संभावना है.

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष कई मुद्दों पर सरकार को घेर सकती है. जिन मुद्दों पर सदन में हंगामा हो सकता है, इनमें भारत-चीन सीमा तनाव, कोरोना की स्थिति, देश में अर्थव्यवस्था के गिरते हालात और लॉकडाउन में प्रवासी मजदूरों की स्थिति और फेसबुक को लेकर शुरू हुआ हालिया विवाद सबसे प्रमुख हैं.

इन सभी मुद्दों पर कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है. लॉकडाउन शुरू होने के बाद यह पहला संसद सत्र है लिहाजा विपक्ष सरकार पर हमला करने के लिए कमर कस चुका है.