संसद में उठी हैदराबाद बलात्कार मामले के दोषियों को कठोर सजा देने की मांग

हैदराबाद रेपकांड की पीड़िता की चीखें आज सदन में सुनाई दीं. दोनों सदनों में इस मामले में चर्चा हुई. सभी राजनीतिक दलों ने दोषियों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की. दोनों सदनों के सांसदों ने न्यायिक प्रणाली में और सुधार करने की मांग की.

लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद और राज्यसभा में शून्यकाल की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सदस्यों ने इस मामले को जोर-शोर से उठाते हुए पुलिस व्यवस्था को और संवेदनशील बनाए जाने और समाज में जागरुकता लाए जाने पर जोर दिया. 

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने हैदराबाद घटना पर सदन की तरफ से दुख जताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं और अपराध हमें चिंतित और आहत करती हैं. सरकार ने देश के किसी भी राज्य में ऐसी घटनाओं पर कठोर कार्रवाई करने और संबंधित कानूनों में अपेक्षित सुधार लाने का आश्वासन दिया है.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि निर्भया कांड के बाद इस तरह की घटनाओं के लिए सख्त कानून बनाए गए थे लेकिन अपराधों में कमी नहीं आई है. उन्होंने कहा कि इससे बड़ा कोई अमानवीय कृत्य नहीं हो सकता. इससे सभी आहत हुए हैं. 

राजनाथ ने कहा कि सभी सदस्यों की अपेक्षा है कि इस तरह के मामलों में अपराधियों को कठोर से कठोर दंड मिले. इसके लिए कानून में जो भी बदलाव करना होगा, उसके लिए सरकार तैयार है. उन्होंने कहा कि निर्भया कांड के बाद कानून में बदलाव के साथ फांसी की सजा का प्रावधान किया गया था. इसके बाद सबने मान लिया था कि इस तरह की घटनाओं में कमी आएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. 

उन्होंने इस विषय पर सदन में चर्चा कराने या न कराने का फैसला अध्यक्ष पर छोड़ते हुए कहा कि सरकार सभी सदस्यों के सुझाव पाकर कानून में सभी तरह के जरूरी प्रावधान करने के लिए तैयार है.

वहीं राज्यसभा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी), कांग्रेस और अन्य दलों ने इस मुद्दे को उठाया तो सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि केवल कानून बना देने भर से इस तरह के अपराधों से नहीं निपटा जा सकेगा. इसके लिए राजनीति से ऊपर उठकर और मिलकर काम करना होगा. 

समाजवादी पार्टी की जया बच्चन ने कहा कि चाहे निर्भया हो या कठुआ, सरकार को उचित जवाब देना चाहिए. जिन लोगों ने ऐसा किया, उनकी सार्वजनिक तौर पर लिंचिंग करनी चाहिए. जिन पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती है, उनका नाम सार्वजनिक किया जाना चाहिए और उनको शर्मिंदा करना चाहिए.

गृह राज्यमंत्री जी. किशन रेड्डी ने भी कानून में हर जरूरी बदलाव के प्रति सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम करेगी. संबद्ध कानूनों में बदलाव का मसौदा तैयार है. पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो को इसकी जिम्मेदारी दी गई है. 

उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए पूरे देश में एकल हेल्पलाइन नंबर-112 जारी किया है.

हिन्दुस्थान समाचार/अजीत

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