भारत से डरा पाकिस्तान, एफएटीएफ के निर्देशों के पालन पर जुटा

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पाकिस्तान इन दिनों फ़ाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स यानी एफएटीएफ के सुझाए एक्शन प्लान को लागू करने में तेजी से जुट गया है. पाकिस्तान को डर है कि यदि इस बार आतंकवादियों को दी जा रही सहायता को रोकने में विफल रहता है तो भारत उसे ब्लैक लिस्ट में डलवा सकता है. अभी एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ग्रे सूची में रखा है.

एफएटीएफ की अगली बैठक इसी साल अक्टूबर में होने वाली है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने 25 जुलाई को मुल्तान में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि एफएटीएफ के सुझाए एक्शन प्लान को लागू करने के लिए 8 नये विधेयक लाने की तैयारी की जा रही है, ताकि आतंकवादियों को मनी लाॅड्रिंग के जरिए मिल रही आर्थिक सहायता को पूरी तरह रोकी जा सके. कुरैशी ने कहा कि ग्रे लिस्ट से व्हाइट लिस्ट में पाकिस्तान को लाने के लिए एंटी मनी लाॅंड्रिंग/ कोम्बैटिंग दि फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म कानून को और असरदार बनाना ही होगा. भारत के ख़ौफ़ का जिक्र करते हुए कुरैशी ने कहा ‘‘ भारत हमें ब्लैक लिस्ट में डलवाने का लगातार प्रयास कर रहा है. यदि ऐसा हो गया तो इसका असर क्या होगा, यह मुझसे ज्यादा आप जानते हैं.’’

एफएटीएफ ने पाकिस्तान को 27 एक्शन प्लान पर काम करने का सुझाव दिया हुआ है. उनमें से पाकिस्तान केवल 14 एक्शन प्लान पर ही काम कर सका है. 13 एक्शन प्लान पर अभी कोई काम नहीं हुआ है. पाकिस्तान के पास अब सिर्फ तीन महीने हैं, जिसमें उसे सभी 27 एक्शन प्लान पर काम करके दिखाना है.

अभी तक विपक्ष को अपने साथ बिठाने से मना करने वाले इमरान अब एफएटीएफ के मामले में विपक्ष को मनाने में लगे हैं. उनकी सरकार ने 24 लोगों की एक एक्सपर्ट ज्वायंट कमेटी का गठन किया है, जिसमें विपक्ष के लोगों को भी रखा गया है.

पाकिस्तान एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में जून 2018 से ही है. इमरान खान भले ही दावा करें कि उनकी सरकार ने नेशनल प्लान के तहत आतंकवादियों पर काबू पाने की तमाम कार्रवाई की है. लेकिन नेशनल असेम्बली में इमरान द्वारा ओसामा बिन लादेन को शहीद का दर्जा देना और पेशावर में स्कूली बच्चों के कत्लेआम में शामिल पाकिस्तान तालिबान के प्रवक्ता एहानुल्लाह एहसान को इसी साल फरवरी में जेल से फरार करा देने के बाद दुनिया के लिए यह यकीन करना मुश्किल होगा कि इमरान सरकार पाकिस्तान में पल रहे आतंकवादियों पर कोई ठोस कार्रवाई कर सकेगी.

हिन्दुस्थान समाचार /बिक्रम