Pakistan को उल्टी पड़ी नक्शेबाजी, NSA अजित डोभाल ने SCO बैठक से किया वॉकआउट

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नई दिल्ली. पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) भारत का है और भारत इसे हर हाल में वापस लेगा, इतना सुनते ही पाकिस्तान (Pakistan) बौखला जाता है. वो चाहे कितना भी बौखलाए लेकिन भारत को रत्ती भर फर्क नहीं पड़ता. चीन (China) के सदाबहार दोस्त पाकिस्तान को ये बात हमेशा याद रखनी होगी कि वो अपनी मर्यादा नहीं लांघे.जब-जब इसने मर्यादा लांघी तब-तब मुहं की खानी पड़ी.

अब पाकिस्तान ने फिर अपनी मर्यादा लांघने की कोशिश की जिससे भारत का गुस्सा सांतवे आसमान पर है..पाकिस्तान ने इस बार कोई आतंकी साजिश नहीं की क्योंकि वो तो इसका रोज का काम है और हमारे भारतीय सुरक्षाबल रोज ऐसे लोगों को उनकी सही जगह पर पहुंचा देते हैं लेकिन इस बार पाकिस्तान ने कुछ ऐसा किया जिसके कारण उसके कई देशों के सामने शर्मिदा होने पड़ा.

दरअसल पाकिस्तान ने सुरक्षा सलाहाकारों की बैठक में एक काल्पनिक नक्शा पेश किया.. इस नक्शे में उसने भारत की जमीन को अपना बता दिया…इस नक्शे में पाकिस्तान ने पूरे जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) के साथ जूनागढ़ और सर क्रीक को भी अपना बताया.

पड़ोसी देश के इस काल्पनिक नक्शे का विरोध करते हुए NSA अजीत डोभाल (Ajit Doval) मीटिंग छोड़कर चले गए…भारत ने मेज़बान रूस को वजह बता कर मीटिंग छोड़ी…पाकिस्तान की इस हरकत को भारत ने बैठक के नियमों के खिलाफ बताया..

भारत ने कहा है कि उसके क्षेत्रों को पाकिस्‍तान के हिस्‍से के रूप में दिखाना न केवल SCO चार्टर का उल्‍लंघन है बल्कि ये SCO सदस्‍य देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के स्‍थापित मानदंडों के भी खिलाफ भी है..बता दें कि ये बैठक रूस के मॉस्‍को शहर में हो रही थी.

भारत के विरोध जताने के बाद रूस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. जानकारी के मुताबिक रुस ने कि वो पाकिस्तान के इस तरह के प्रयासों का समर्थन नहीं करता..रूस ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान के इस तरह के उकसावे भरे व्यवहार को नजरअंदाज करके भारत-शंघाई सहयोग संगठन की बैठकों में भाग लेना जारी रखेगा.

इस दौरान रूस के NSA ने भारतीय एनएसए के कदम का समर्थन किया है…पाकिस्तान का गलत तरीके से नक्शा लगाना एससीओ के नियम, शर्तों तथा मर्यादा के विरुद्ध है..एससीओ के सदस्य देशों के लिए पहले से ही ये शर्त लागू है कि वो बैठक के दौरान किसी भी सदस्य देश के साथ उकसावे भरा व्यवहार नहीं करेंगे..

भारत ने आधिकारिक बयान में कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि मोइद युसूफ ने जान-बूझकर नक्शे को प्रमोट किया..विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘ये मेजबान देश के आग्रह की नाफरमानी थी और इसमें मीटिंग के नियमों की अवहेलना की गई’ उन्होंने कहा कि मेजबान देश के बात के बाद भारतीय दल ने विरोध जताते हुए बैठक छोड़ दी..

अब पाकिस्तान को कौन समझाए की चीन जैसी विस्तारवादी नीति की सोच रखने से काम नहीं चलता है.. उसे इसके परिणाम भी देखने चाहिए.. आज चीन पूरी दुनिया के निशाने पर है…अगर ये हाल पाकिस्तान का हुआ तो वो दाने-दाने को तरस जाएगा….