तीन तलाक के मुद्दे को पाक के अखबारों में मिली जगह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में एक बार फिर से तीन तलाक यानि तलाक ए बिद्दत पर पाबंदी लगाने वाले विधेयक पर फैसला लिया गया. 17 जून से शुरू हो रहे 17वीं लोकसभा के पहले सत्र में इस मसौदा पेश किया जाएगा.

इसके बाद से पाकिस्तान में काफी खलबली मच गई. पाक के अखबार एस्प्रेस न्यूज ने भारत के हवाले से तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने के लिए लागू दूसरे अध्यादेश की जगह लाए जाने वाले कानून मुस्लिम महिला विधेयक-2019 के मसौदे को केंद्रीय मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने की खबर को भी अंतरराष्ट्रीय पन्ने पर प्रमुखता से छापा है.

पाकिस्तान में तुरंत तीन तलाक पर 1961 से ही बैन है लेकिन किसी सजा का प्रावधान नहीं होने पर लोग धड़ल्ले से इस तलाक को हरकत में ला रहे हैं. मौजूदा समय में पाकिस्तान में तलाक की बढ़ती दर में ट्रिपल तलाक का अहम योगदान है.

इन देशों में तीन तलाक है बैन

मिस्र दुनिया का पहला ऐसा देश था जहां तीन तलाक को पहली बार बैन किया गया था. भारत में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दुनियाभर में 23 ऐसे देश हैं, जहां तीन तलाक बैन है. भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश और श्रीलंका में भी तीन तलाक पर बैन लगा हुआ है. इनके अलावा साइप्रस, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, इंडोनेशिया, इराक, ब्रुनेई, मोरक्को, कतर, कुवैत, ट्यूनीशिया, अल्जीरिया, लेबनान, लीबिया, सीरिया, मलेशिया जैसे देशों में तुरंत तीन तलाक पर बैन है.

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