एक बार फिर आम जनता को रुलाने की तैयारी में है प्याज, तेजी से बढ़ रहे हैं दाम

नई दिल्ली. प्याज के बढ़ते दाम आम जनता को जमकर रूला रहे हैं. हाल ही में नवरात्र की वजह से प्याज की कीमतों में थोड़ी नरमी देखने को मिली थी. लेकिन अब नवरात्र खत्म हो चुके हैं और एक बार फिर प्याज की कीमतों ने रूलाना शुरू कर दिया है.

किसानों के विरोध प्रदर्शन के चलते मंडियों में प्याज और टमाटर की आपूर्ति में काफी अड़चन आ रही है. मंडी में प्याज टमाटर हैं ही नहीं जिसकी वजह से इनकी कीमतें एक बार फिर आसमान छू रही हैं.

किसानों के विरोध प्रदर्शन के चलते प्याज की थोक कीमतों में 37 प्रतिशत का इजाफा हुआ है.एशिया की सबसे बड़ी आजादपुर मंडी में प्याज 35 से 45 रुपये प्रति किलोग्राम और टमाटर 50 से 55 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है.

आजादपुर मंडी में कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं. जब ये प्याज थोक मंडी से रिटेल बाजार में जाती है, तो इसके दाम 60 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम हो जाते हैं. वहीं टमाटर रिटेल मार्केट में इन दिनों 70 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा है.

प्याज की कीमतों के बढ़ाने के वैसे तो कई कारण हैं. लेकिन इसका सबसे बड़ा कारण प्याज की फसल का बर्बाद होना हैं. बारिश कम होने के कारण तो कभी लगातार कई दिनों तक बारिश होने के कारण प्याज की फसलें बर्बाद हुई हैं. जिसकी वजह से प्याज के दाम बढ़ गए हैं.

प्याज मंडी में तो महंगा बिक रहा है लेकिन किसानों को इसकी सही कीमत नहीं मिल रही है. उनसे सस्ते दामों पर प्याज लिया जा रहा है और मंडी में महंगें दामों पर बेचा जा रहा है .यहीं कारण है कि किसान अब विरोध प्रर्दशन कर रहे हैं. जिसकी वजह से आम जनता को परेशानी हो रही है.

प्याज की बढ़ती कीमतों से सरकार भी परेशान हैं. इसकी कीमतों को काबू में करने के लिए सरकार ने 15 सितंबर को इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ा दिया.

इसके बाद प्याज के भंडारण की सीमा तय कर दी गई और निर्यात पर भी रोक लगा दी गई. थोक कारोबारियों के लिए 50 टन और फुटकर दुकानदारों के लिए 10 टन प्याज रखने की सीमा तय की गई है.

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