चार मीनार का एक हिस्सा टूट कर गिरा, 400 साल पुरानी है मीनार

हैदराबाद की करीब 400 साल पुरानी एतिहासिक चार मीनार का एक हिस्सा बारिश के कारण टूट कर गिर गया. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी देते हुए बताया की बुधवार रात अचानक मक्का मस्जिद की तरफ की मीनार पर ग्रेनाइट पत्थर से प्लास्टर अलग हो गया और मीनार का उपरी मंजिल का हिस्सा टुट कर निचे गिरा है.

जिसके बाद इलाके में दहशत के साथ मीनार की सुरक्षा और देख रेख को लेकर प्रश्न चिन्ह खड़े हो गए हैं.

कुछ दिन पहले ही हुई थी मरम्मत

कुछ ही दिन पहले इसकी मरम्मत राज्य के पुरातत्व विभाग ने कराई थी. इससे पहले पश्चिमी छोर की मीनार का एक बड़ा टुकड़ा भी इसी तरह टूट कर गिर पड़ा था.

हर रोज़ हजारों पर्यटक चारमीनार को देखने आते हैं और उन्हें केवल पहली मंजिल पर चढ़ने की अनुमति दी जाती है.

चूने के प्लास्टरों का गिरना नया नहीं

पुलिस ने मलबा गिरने वाली जगह को घेर लिया. स्मारक के पास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. चूने के प्लास्टरों का गिरना नया नहीं है. लेकिन हालिया क्षति ने प्रतिष्ठित मीनार की सुरक्षा को लेकर चिंता को बढ़ा दी है.

कुतुब शाह ने 1591 में कराया था निर्माण

चारमीनार का निर्माण कुतुब शाही साम्राज्य के पांचवें शासक मोहम्मद कुली कुतुब शाह ने 1591 में कराया था. भूतल से 160 फीट ऊंची चारमीनार 428 साल पुरानी है। इसमें चार मीनारें हैं जिसके कारण इसका नाम चारमीनार है।

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