PM Modi की आयुष्मान भारत योजना की जगह ममता ने सरकार ने चलाई ये योजना, नवंबर के अंत तक एक करोड़ लोगों को मिलेगा लाभ, पढ़िए पूरी खबर

  • नवंबर के अंत तक एक करोड़ लोगों को मिलेगा स्वास्थ्य साथी कार्ड

कोलकाता. पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य भर के लोगों के लिए नवंबर महीने के अंत तक एक करोड़ नए स्वास्थ्य साथी कार्ड बनाने का लक्ष्य तय किया है. राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से बुधवार को इस बारे में जानकारी दी गई है. इसमें बताया गया है कि नवंबर के अंत तक राज्य भर में स्वास्थ्य साथी कार्ड के उपभोक्ताओं की संख्या 7.5 करोड़ पर पहुंचाने का लक्ष्य है. फिलहाल ये आंकड़ा 6.5 करोड़ पर है.

दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना को पश्चिम बंगाल में लागू करने से ममता सरकार ने इंकार कर दिया है और उसकी जगह स्वास्थ्य साथी योजना चलाई जाती है.

स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि सरकार ये सुनिश्चित करेगी कि सभी 7.5 करोड़ पात्र लोगों को नवंबर के अंत तक स्वास्थ्य योजना के तहत पंजीकृत कर लिया जाए. ये 1.5 करोड़ परिवारों का कवरेज होगा. वर्तमान कवरेज 6.5 करोड़ लोगों या 1.3 करोड़ परिवारों का है.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2016 में इस योजना को शुरू किए जाने के बाद से ढाई साल में, 7.12 लाख लोगों ने 722 करोड़ रुपये के दावों को दाखिल करते हुए, स्वास्थ्य साथी का लाभ उठाया है. दावेदारों की तेजी से बढ़ती संख्या के कारण, सरकार ने स्वास्थ्य साथी लिए 1,300 करोड़ रुपये तक खर्च करने का प्रावधान रखा है.

सरकारी और निजी सहित कुल 1,612 अस्पताल इस योजना में शामिल हैं, जिनमें से 1,472 पहले से ही संबंधित सेवाएं प्रदान करना शुरू कर चुके हैं. प्रत्येक प्रतिभागी परिवार को परिवार की मुखिया महिला सदस्य के नाम पर एक स्वास्थी कार्ड जारी किया जाता है. यह कैशलेस उपचार को सक्षम बनाता है, जो बहुत सुविधाजनक है.

हिन्दुस्थान समाचार/ ओम प्रकाश

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