वर्ल्ड एड्स डे आज : जानें ये है एड्स डे मनाने का उद्देश्य

आज वर्ल्ड एड्स डे है. एक दिसंबर को पूरी दुनिया में वर्ल्ड एड्स डे मनाया जाता है. एड्स की रोकथाम और इसका इलाज ढूंढने के लिए सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरे विश्व के वैज्ञानिक सालों से रिसर्च में जुटे हैं. दुर्भाग्य है कि आजतक इसका कोई सटीक इलाज नहीं मिल सका है.

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने की शुरूआत

सबसे पहले वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) ने वर्ल्ड एड्स डे की शुरूआत की थी. 1987 में इसकी शुरूआत हुई. एड्स से जुड़ी जागरूकता अभियान से जुड़े जेम्स डब्ल्यू बुन और थॉमस नेटर ने इसकी शुरूआत की थी.

एड्स होने की उम्र नहीं

ऐसा नहीं है कि एड्स किसी एक खास उम्र वर्ग के लोगों को ही हो सकता है. इससे पीड़िता व्यक्ति का उम्र से कोई सरोकार नहीं है.

एचआईवी का संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है. इसके बाद साल 1996 में एचआईवी पर संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक स्तर पर इसका प्रचार-प्रसार करते हुए इसके संचार, रोकथाम और शिक्षा पर काम करना शुरू किया था.

ये है उद्देश्य

वर्ल्ड एड्स डे मनाने का उद्देश्य एचआईवी के बढ़ते संक्रमण से बचाव और इसकी जागरूकता फैलाना जरूरी है. इसमें कोई दो राय नहीं है कि एड्स आज के आधुनिक समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है.

अगर यूनिसेफ के आंकड़ों पर गौर करें तो अबतक 36.9 मिलियन लोग एचआईवी का शिकार हो चुके हैं. वहीं भारत में इस बीमारी से पीड़ित की संख्या 2.1 मिलियन पहुंच गई है.

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