सबूत मांगने की सनक

बद्रीनाथ वर्मा

पुलवामा आतंकी हमले के ठीक 12वें दिन चकोटी, मुजफ्फराबाद व खैबरपख्तुन्ख्वां के बालाकोट में भारतीय एयरफोर्स की ओर से किये गये एयर स्ट्राइक ने पूरे पाकिस्तान को हिलाकर रख दिया. 

आतंक की फैक्ट्री चला रहे पाकिस्तान को सपने में भी यह गुमान नहीं था कि भारत उसके घर में घुसकर ऐसी तबाही मचा देगा. भारतीय वायुसेना की इस साहसिक कार्रवाई ने पाकिस्तान को खौफ से भर दिया. 

आतंकी संगठनों के चेहरे से हवाइयां उड़ने लगी. खुद पाकिस्तान ने भी दबे स्वर में ही सही इसे कबूल किया है. हालांकि सार्वजनिक रूप से वह किसी नुकसान से इनकार करता आ रहा है. उसके इस इनकार की वजह वाजिब है. 

अगर वह आतंकी अड्डों की तबाही को स्वीकार कर ले तो फिर दुनिया में मुंह दिखाना मुश्किल हो जायेगा. पाकिस्तानी सेना की भी इज्जत दो कौड़ी की रह जायेगी. ऐसे में अपनी खाल बचाने के लिए उसका झूठ बोलना लाजिमी ही है.

पाकिस्तान चाहे जो कहे लेकिन हकीकत बिल्कुल अलग है. नेशनल टेक्निकल रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (एनटीआरओ) के सर्विलांस में स्ट्राइक की जगह तीन सौ मोबाइल फोन के एक्टिव रहने का खुलासा हुआ है. 

यानी बालाकोट में मसूद अजहर की जिस आतंक की नर्सरी को महज कुछ मिनटों में ही धूल में मिला दिया गया, वहां उस वक्त तीन सौ के करीब मोबाइल फोन एक्टिव थे. 

ऐसे में यह सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि वायु सेना की एयर स्ट्राइक में कम से कम तीन सौ आतंकी तो इस दुनिया से कूच कर ही गये होंगे. हालांकि सरकार या सेना की तरफ से एयरस्ट्राइक में मरने वालों का कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं दिया गया है.

बहरहाल पाकिस्तानी प्रोपेगैंडा तो उनकी मजबूरी है लेकिन अपने देश के राजनीतिज्ञों को क्या कहा जाय. भाजपा व मोदी विरोध के नाम पर ये राजनीतिक दल कब देश विरोध की सीमा लांघ जाते हैं, इसका पता खुद उन्हें भी नहीं चलता. 

कुछ दिनों की चुप्पी के बाद आखिरकार सियासी गुणा भाग के तहत सर्जिकल स्ट्राइक की तरह ही एक बार फिर एयर स्ट्राइक पर सवालिया निशान लगाने में एक दूसरे से होड़ लेते प्रतीत हो रहे हैं. 

ममता बनर्जी से शुरू कर दिग्विजय सिंह, अरविंद केजरीवाल, मायावती, पी चिदंबरम, नवजोत सिंह सिद्धू व कपिल सिब्बल तक सबके सुर एक जैसे हैं. इन नेताओं का अपनी सेना व सरकार से ज्यादा भरोसा दूसरों पर है. 

सबके सिर पर एयर स्ट्राइक का सबूत मांगने की सनक सवार हो गई है. मोदी को घेरने के चक्कर में ये पाकिस्तान के पोस्टर ब्वाय बन गये हैं. इनके बयान पाकिस्तान को भी रास आ रहे हैं. 

पढ़े पूरा लेख युगवार्ता के 17 मार्च के अंक में…

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