RBI के डिप्टी गवर्नर बने एनएस विश्वनाथन, इससे पहले थी ये जिम्मेदारी

नई दिल्ली. रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India) ने एन एस विश्वनाथन को फिर से एक साल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है.

एक आधिकारिक आदेश में सोमवार को ये जानकारी दी गई है. इससे पहले 28 जून 2016 को उन्हें आरबीआई (RBI) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त गया था. आदेश के अनुसार कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने विश्वनाथन की एक साल के लिए और डिप्टी गवर्नर पद पर पुन: नियुक्ति को मंजूरी दे दी है.

एनएस विश्वनाथन (NS Vishwanathan) को ये जिम्मेदारी दूसरी बार मिली है. इससे पहले विश्वनाथन को चार जुलाई 2016 को केंद्रीय बैंक में तीन साल के लिए डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया गया था. उनका कार्यकाल 3 जुलाई 2019 को खत्म होना था, लेकिन सरकार ने उन्हें दोबारा एक साल के लिए नियुक्त किया है.

रिजर्व बैंक में चार डिप्टी गवर्नर होते हैं. सरकार इनकी नियुक्ति गवर्नर की राय को अहमियत देते हुए करती है. चार डिप्टी गवर्नर में से दो केंद्रीय बैंक के ही अधिकारी होते हैं. एक डिप्टी गवर्नर कमर्शियल बैंकिंग क्षेत्र से होता है.

चौथा डिप्टी गवर्नर कोई जाना माना अर्थशास्त्री होता है. यही चौथे डिप्टी गवर्नर के रूप में विरल आचार्य 20 जनवरी 2017 को तीन साल के लिए नियुक्त किए गए थे.

रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर पद से विरल आचार्य (Viral Acharya) के इस्तीफे के बाद सरकार ने उत्तराधिकारी की तलाश शुरू कर दी थी. जिसके बाद विश्वनाथन को ये दूसरी बार ये जिम्मेदारी मिली.

मौजूदा समय में महेश जैन के अलावा रिजर्व बैंक के पास दो गवर्नर हैं. इनमें से एक है बीपी कानूनगो. सबसे वरिष्ठ डिप्टी गवर्नर एनएस विश्वनाथन हैं. विरल आचार्य द्वारा इस्तीफा देने के बाद सरकार के सामने दो नए डिप्टी गवर्नर को नियुक्त करने की जिम्मेदारी थी.

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