अब कैदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कर सकेंगे अपने वकीलों से बात

नई दिल्ली, 07 जुलाई (हि.स.). दिल्ली के जेल प्रशासन ने कहा है कि उसने कैदियों को अपने वकीलों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बात करने की अनुमति दे दी है.

जेल प्रशासन ने मंगलवार को इसकी सूचना दिल्ली हाई कोर्ट को दी. जेल प्रशासन की इस दलील के बाद चीफ जस्टिस डीएन पटेल की अध्यक्षता वाली बेंच ने याचिका का निष्पादन कर दिया.

सुनवाई के दौरान जेल प्रशासन ने कहा कि उसने कैदियों को अपने वकीलों से बात करने की अनुमति देने वाला एक नया सर्कुलर जारी किया है. उसके बाद कोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया.

याचिका वकील अजीत पी सिंह ने दायर किया था. याचिकाकर्ता की ओर से वकील लव कुमार अग्रवाल ने कहा था कि जेल में बंद कैदियों को उनकी पसंद के वकील से कानूनी सलाह लेने की इजाजत मिलनी चाहिए.

याचिका में कहा गया था कि दिल्ली के जेल महानिदेशक का सर्कुलर संविधान की धारा 21 का उल्लंघन करता है. याचिका में कहा गया था कि याचिकाकर्ता पिछले 8 जून को तिहाड़ जेल अपने मुवक्किल से मिलने गया था. उसे अपने मुवक्किल की जमानत याचिका के संबंध में तैयारी के लिए बातें करनी थी.

वहां तिहाड़ जेल प्रशासन ने बताया कि कैदियों को अपने वकीलों से बात करने की मनाही है. जेल प्रशासन के इसी आदेश के खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

हिन्दुस्थान समाचार/संजय/सुनीत/बच्चन

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