UP Budget: किसानों, युवाओं और महिलाओं के जले पर नमक छिड़कने जैसाः कांग्रेस

लखनऊ, यूपी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने योगी आदित्यनाथ सरकार के मंगलवार को विधानसभा में प्रस्तुत आम बजट 2020-21 को आंकड़ों की बाजीगरी बताते हुए इसे युवाओं और किसानों के लिए घोर निराशाजनक और धोखा करार दिया है. उन्होंने कहा कि बजट पूरी तरह प्रदेश के किसानों, युवाओं, महिलाओं और गरीबों के जले पर नमक छिड़कने जैसा है. 

3 साल में गन्ने के मूल्य में मात्र 10 रुपये की वृद्धि

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि 450 रुपये प्रति कुन्तल गन्ने का मूल्य देने की घोषणा करके सत्ता में आने वाली बीजेपी 3 साल में मात्र गन्ने के मूल्य में 10 रुपये की ही वृद्धि कर पायी है. 

पिछले 2 साल में 12.5 लाख बढ़े बेरोजगार

युवा बेरोजगारों की तादाद पिछले 2 साल में 12.5 लाख बढ़ गयी. सरकार द्वारा विधानसभा में की गयी घोषणा के मुताबिक 21 लाख 39 हजार 811 के मुकाबले बढ़कर 33 लाख 93 हजार 330 बेरोजगार हैं. 

लल्लू सिंह ने कहा कि सरकार, नए रोजगार देने के बजाय आज के बजट में सेवानिवृत शिक्षकों को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में नौकरी देने की घोषणा बेरोजगार युवाओं के साथ विश्वासघात है. वहीं कौशल विकास योजना भी छलावा साबित हुई. 

नवोदय विद्यालय को खत्म करने की साजिश

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 18 मण्डलों में अटल आवासीय विद्यालयों की स्थापना की घोषणा भी झूठ का पुलिन्दा है क्योंकि यह पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी द्वारा घोषित नवोदय विद्यालय को खत्म करने की साजिश है. क्योंकि नई योजना के लिए  न तो इसमें बजट ही बढ़ाया गया है उसके मुकाबले फीस वृद्धि और सुविधाएं घटायी गयीं हैं.

किसानों के लिए कोई व्यवस्था नहीं

उन्होंने कहा कि इसके साथ ही कृषि पर लागत कम करने, खाद, बीज, पानी, कृषि यन्त्र, कीटनाशक, बिजली आदि के दामों में कमी का कोई प्रावधान बजट में नहीं किया गया है और न ही दूसरे राज्यों की भांति जैसे छत्तीसगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब आदि राज्यों में केन्द्र सरकार द्वारा घोषित कृषि उत्पादित गेहूं, धान एवं तिलहन की फसलों के मूल्य पर प्रति कुंतल दो सौ रुपये से लेकर 1500 रूपये तक बोनस देने का प्रावधान है. इसे प्रदेश सरकार ने बजट में कोई महत्व नहीं दिया है, जबकि पिछले तीन वर्षों में इन अनिवार्य कृषि उपयोग की चीजों के दामों में 50 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हो चुकी है. 

किसानों के साथ धोखा

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 3200 रुपये प्रति कुंतल गेहूं का मूल्य होना चाहिए था जो नहीं किया गया. इसके अतिरिक्त किसान आयोग का गठन तथा खेतों में रखवाली करने वालों के लिए भत्ता का भी कोई प्राविधान नहीं किया गया है. ऐसे में किसानों की आय दोगुनी करने की घोषणा किसानों के साथ क्रूर मजाक और धोखा है.

चौकीदारों के लिए बजट में खाली हाथ 

शिक्षा मित्र, आंगनबाड़ी, रसोइयां, आशा बहू, रोजगार सेवक, चौकीदार, होमगार्ड, अनुदेशक एवं मदरसा शिक्षकों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है जो अत्यन्त निराशाजनक है. 

शिक्षा के बाजारीकरण का संकेत 

शिक्षा बजट में ‘व्यापक कटौती’ की गई है. पिछले बजट 2019-20 में कुल 48044 करोड़ की घोषणा हुई थी जबकि इस बजट में 18633 करोड़ रुपये की घोषणा की गयी है, यह शिक्षा के बाजारीकरण का संकेत है वहीं आयुष्मान योजना में बजट का आवंटन न करना निजीकरण को बढ़ावा देने जैसा है. 

महिला सुरक्षा में नाम मात्र की धनराशि

महिलाओं की सुरक्षा के लिए मात्र 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है इससे पूरे प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा कैसे हो पायेगी. एसिड अटैक एवं रेप पीड़ित महिलाओं के लिए बजट में कोई सहायता राशि का प्रावधान नहीं है. 

हिन्दुस्थान समाचार/संजय

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