छत्‍तीसगढ़ के भिलाई में केवल लोहा ही नहीं विश्व स्तरीय धातु प्रतिमाएं भी ढाली जाती है

  • नेलसन ने बताया कि छत्‍तीसगढ़ के भिलाई शहर में केवल लोहा ही नहीं अपितु विश्व स्तरीय धातु प्रतिमाएं भी ढाली जाती हैं
  • इस मूर्ति की स्थापना मंदिर परिसर में की जाएगी. यह प्रतिमा 22 जनवरी को स्थापना हेतु सेक्टर-1 नेलसन कलागृह से बैहर हेतु रवाना होगी

राजाभोज की जयंती पर उनकी 20 फीट प्रतिमा बालाघाट के बैहर तहसील में लगेगी

रायपुर / भिलाई 10 जनवरी (ह‍ि.स.). अपनी वीरता के लिए प्रसिद्ध राजा भोज की 20 फीट ऊंची प्रतिमा नेलसन कला गृह में बनकर तैयार है. देश के सर्वोच्च सम्मान पद्मश्री से अलंकृत जेएम नेलसन द्वारा इस प्रतिमा का निर्माण किया गया है. यह प्रतिमा बालाघाट के बैहर तहसील में सबसे ऊंची पहाड़ी पर स्थापित की जाएगी. जिसकी ऊंचाई 30 फीट होगी.

नेलसन ने बताया कि छत्‍तीसगढ़ के भिलाई शहर में केवल लोहा ही नहीं अपितु विश्व स्तरीय धातु प्रतिमाएं भी ढाली जाती हैं. राजा भोज की इस धातु प्रतिमा का निर्माण अखिल भारतीय राजा भोज स्मारक समिति एवं पवार राम मंदिर ट्रस्ट बैहर के सहयोग से किया गया है.

इस मूर्ति की स्थापना मंदिर परिसर में की जाएगी. यह प्रतिमा 22 जनवरी को स्थापना हेतु सेक्टर-1 नेलसन कलागृह से बैहर हेतु रवाना होगी. इसका अनावरण 29 जनवरी को राजाभोज जयंती के उपलक्ष्य में किया जाएगा. धातु निर्मित राजा भोज की यह प्रतिमा अत्यंत भव्य व आकर्षक का केन्द्र बन चुकी है.

जिसकी ढलाई नेलसन कला गृह सेक्टर-1 में की गई है. इसके निर्माण में 40 लाख रूपये का व्यय आया है. यह प्रतिमा मूर्तिकार नेलसन द्वारा भारतीय स्थापत्य कला एवं आधुनिक कला मूति में श्रेष्ठतम उदाहरण है.

पद्मश्री जेएम नेलसन का जन्म बैहर रोड बालाघाट में 1949 में हुआ, उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी बालाघाट में हुई. हायर सेकेण्डरी खैरलांजी में हुई, इनके सहपाठी सांसद बिश्वेश्वर भगत तथा हेमंत चावड़ा रहे हैं. उनका छोटा भाई शरद चावड़ा, लालू चावड़ा के पिता शिशिर चावड़ा एवं उनके पद्मश्री नेलसन पूर्व बीजेपी नेता राजेश चावड़ा एवं समस्त बालाघाट वासियों ने राजाभोज की प्रतिमा हेतु शुभकामनाएं दी है.

इस वर्ष पद्मश्री नेलसन की एक और सर्वश्रेष्ठ कृति का निर्माण उनके कलागृह में किया जा रहा है. यह प्रतिमा शहीद भगत सिंह की विश्व की सबसे विशाल प्रतिमा बनाई जा रही है.

यह प्रतिमा भिलाई विधायक एवं महापौर देवेन्द्र के प्रयास के द्वारा शहीदों के सम्मान में बनाई जा रही है. इस प्रतिमा का वजन 5 टन होगा. जो छत्तीसगढ़ की धरती में ढाली गई सबसे विशाल धातु प्रतिमा होगी. नेलसन इस छत्तीसगढ़ की धरती पर विदेशी पद्धति से धातु की प्रतिमा ढालने वाले प्रथम मूर्तिकार हैं. उन्होंने 1989 में वृंदा सिंह प्रतिमा का निर्माण किया था जो कल्याण कालेज में स्थापित है.

मूर्तिकार नेलसन विश्व प्रसिद्ध प्रतिमा निर्माताओं में से एक हैं, विधानसभा परिसर में महात्मा गांधी की 12 फीट ऊंची प्रतिमा, देश की सबसे विशाल धातु निर्मित प्रतीक चिन्ह अशोक स्तंभ तथा स्वामी विवेकानंद की 15 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण किया जा चुका है.

37 फीट ऊंची विवेकानंद की प्रतिमा का निर्माण कर लिम्का बुक आफ रिकार्ड में अपना नाम दर्ज करा चुके हैं. यह प्रतिमा नीलभ उद्यान विवेकानंद सरोवर रायपुर में स्थापित है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा इसका उदघाटन किया गया था. 50 फीट ऊंची गौतम बुद्ध की ध्यानवस्था प्रतिमा डोंगरगढ़ में स्थापित है.

इसके अतिरिक्त नेलसन समाज सेवा के क्षेत्र में भी अपना योगदान दे रहे हैं. इस श्रृंखला में महात्मा गांधी, मदर टेरेसा, स्वामी विवेकानंद, डा. अम्बेडकर की प्रतिमा संरक्षित करने हेतु नि:शुल्क भेंट कर चुके हैं.

ह‍िन्‍दुस्‍थान समाचार / हरप्रीत सिंह / गेवेन्‍द्र पटेल

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