Nizamuddin Markaz: इन्हें ‘जमाती’ नहीं ‘स्लीपर सेल’ कहिए!

दीन ईमान की बड़ी बड़ी बातें करने वाले चंद लोग आज भारत को मौत के मुंह में भेजने का काम कर रहे हैं, जी हां हम बात कर रहे हैं निजामुद्दीन मरकज के जमातियों की. जिनकी हरकतों से भारत ना सिर्फ कोरोना के खिलाफ जंग भी हार रहा है, बल्कि ये लोग समाज को भी गंदा करने में लगे हुए हैं.

दरअसल कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई का मोर्चा तब कमजोर पड़ गया जब बीते दिनों दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब्लीगी जमात के एक आयोजन में करीब दो हजार लोग जमा मिले. इनमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोग तो थे ही, विदेश से आए मजहबी प्रचारक भी थे.

इनमें तमाम कोरोना वायरस से संक्रमित मिले. इस जमात ने अपने जमावड़े के दौरान जरूरी सावधानी बरतने से इन्कार करने के साथ दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस और भारत सरकार के निर्देशों की अनदेखी भी की.

मरकज से निकलने वाले हजारों लोग आज सुसाइड बमर बन कर समाज में घूम रहे हैं, और कोरोना जैसी महामारी को पूरे भारत में फैला रहे है. ये खुद तो मरेंगे अपने साथ हजारों की संख्या में बेगुनाहों को भी मौत के मुंह में छोंक देंगे. जिनकी पहचान हो गई, प्रशासन द्वारा उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

सरकार तो उनके स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रख रही है, उनको अच्छा से अच्छा इलाज देने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये लोग अस्पताल में डॉक्टरों के साथ बदमीजी करने में लगे हुए हैं. जाहिर है कि इन्हें इलाज ही नहीं कराना है. इनके जिहादी दिमाग में भारत के करोड़ो लोगों को मौत के घाट उतारने का गंदा ख्याल भरा गया है..

ये चंद लोग अस्पतालों में जगह-जगह पर पेशाब कर रहे हैं. डॉक्टरों के मुंह पर थूक रहे हैं, और तो और ये जाहिल नर्सों के सामने कपड़े उतारकर खड़े हो रहे हैं. इनकी शर्मोहया सब मर चुकी है. ये सिर्फ और सिर्फ अब लोगों को परेशान करना चाहते हैं.

हिंदू धर्म ग्रंधों में भस्मासुर नाम के एक राक्षस का जिक्र होता है, जो छल से भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करके उनसे वरदान ले लेता है कि वो जिसके ऊपर भी हाथ रखेगा वो भस्म हो जाएगा. उसके बाद भगवान शिव को ही भस्म करने की कोशिश करने लगता है.. ये जमाती भी भस्मासुर राक्षस की तरह ही आज अपने रक्षक यानी डॉक्टरों को भस्म करने की सोच रहे हैं.

हाल ही में मध्य प्रदेश के इंदौर में जिस बस्ती में डॉक्टरों की टीम पर हमला हुआ था. उस बस्ती से कोरोना संक्रमित कई मरीज मिले हैं. मतलब साफ था कि ये लोग चाहते ही नहीं थे कि इनका परिक्षण हो और इनका इलाज किया जाए. इनकी मंशा थी कि ये ज्यादा से ज्यादा लोगों में संक्रमण फैला कर उन्हें भी मौत के घाट उतार सकें. हालांकि इनकी ये इच्छा यूपी में कामयाब होती नहीं दिख रही है.

जमातियों पर उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का रुख बेहद सख्त है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि इस बात का ध्यान रखा जाए कि जमात के लोगों की गलतियों का खमियाजा आम लोगों को न भुगतना पड़े. मानवता के खिलाफ किसी भी तरह की साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जिन लोगों ने मानवता खिलाफ काम किया है, उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

यही नहीं अस्पताल में डॉक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार करने वाले जमातियों पर रासुका के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है.. इतना ही नहीं जिन लोगों ने जमातियों को छिपा कर रखा है, या उन्हें बचाने का प्रयास किया उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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