नीतीश कटारा हत्याकांड: हाईकोर्ट ने विकास यादव को नहीं दी पैरोल

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नई दिल्ली, 26 अगस्त (हि.स.). दिल्ली हाईकोर्ट ने नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे विकास यादव की पैरोल की मांग खारिज कर दी है. जस्टिस विभू बाखरु की बेंच ने कहा कि नीतीश कटारा के परिवारवालों की सुरक्षा के मद्देनजर यह आदेश दिया गया है.

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने विकास यादव के वकील से कहा था कि हम आपकी याचिका पर इसलिए विचार कर रहे हैं क्योंकि विकास यादव बहुत लंबे समय से जेल में बंद हैं. आपका जेल में पिछला जो बर्ताव रहा है, उसे देखते हुए हम यह सुनिश्चित कर लेना चाहते हैं कि आपके किसी भी दस्तावेज को लेकर कोई शंका न रहे. विकास यादव ने बीमारियों के इलाज के लिए पेरोल पर रिहा करने के लिए याचिका दायर की है.

जेल प्रशासन ने कोर्ट से कहा था कि जिन बीमारियों के इलाज के लिए याचिका दायर की गई है उनकी पुष्टि दिल्ली के किसी अस्पताल से नहीं कराई गई है. इसके बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया गया कि वह विकास यादव के मेडिकल दस्तावेजों का वेरिफिकेशन करें.

विकास यादव का भाई विशाल यादव भी नीतीश कटारा हत्या मामले में जेल में बंद है. विकास यादव ने आठ हफ्ते की पेरोल की मांग की थी. आपको बता दें कि 3 अक्टूबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने विकास यादव और विशाल यादव की सजा घटाकर 25 साल कैद कर दी थी जबकि तीसरे दोषी सुखदेव पहलवान की भी सजा घटाकर 20 साल कर दी थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने विकास यादव और विशाल यादव को 25 साल और 5 साल की दो सजा यानि 30 साल कैद की सजा दी थी. जबकि सुखदेव पहलवान को बीस और पांच साल यानि 25 साल की कैद की सजा दी थी .

विकास यादव यूपी के बाहुबली नेता डीपी यादव का बेटा है. विकास यादव और विशाल यादव चचेरे भाई हैं. दोनों नीतीश कटारा की हत्या के दोषी हैं. 17 फरवरी 2002 को नीतीश कटारा की हत्या कर दी गई थी. नीतीश कटारा का विकास यादव की बहन भारती यादव के साथ प्रेम संबंध था. यह प्रेम संबंध यादव परिवार को मंजूर नहीं था.

हिन्दुस्थान समाचार/संजय/सुनीत