अच्छी सर्विस चाहिए तो आपको भुगतान करना ही होगा- गडकरी

  • यदि आप अच्छी सेवाएं चाहते हैं, तो आपको इसके लिए भुगतान करना ही होगा
  • नितिन गडकरी ने कहा कि जिन क्षेत्रों के पास टोल का भुगतान करने की क्षमता है सर्फ वहीं पर टोल टेक्स लिया जाता है

नई दिल्ली. लोकसभा में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालयों के अनुदानों पर हुई चर्चा का जवाब मंगलवार को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जबाव देते हुए कहा, ‘अगर आपको अच्छी सर्विस चाहिए तो आपको उसके लिए भुगतान करना पड़ेगा.’

यदि आप अच्छी सेवाएं चाहते हैं, तो आपको इसके लिए भुगतान करना ही होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार के पास जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं है.

उन्‍होंने सड़क हादसों को कम करने के लिए इंजिनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनयिरिंग, यातायात प्रबंधन पर ध्यान देने पर जोर दिया और बताया कि हमारे पास प्रशिक्षित ड्राइवरों की कमी है.

नितिन गडकरी ने कहा कि जिन क्षेत्रों के पास टोल का भुगतान करने की क्षमता है सर्फ वहीं पर टोल टेक्स लिया जाता है. उन पैसों का ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल किया जाता है.

ये हैं बड़ी बातें

  • केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि लोगों को अच्छी सड़कें चाहिए तो उन्हें टोल चुकाना ही होगा.
  • उन्होंने कहा कि सरकार के पास पर्याप्त धन नहीं है. लोकसभा में उन्होंने बताया कि सरकार ने पिछले पांच सालों में 40 हजार किलोमीटर राजमार्ग का निर्माण किया है.
  • ‘दिल्ली-मुंबई मार्ग देशभर में तैयार किए जा रहे ग्रीन एक्सप्रेस हाइवे नेटवर्क का ही एक हिस्सा है.
  • ये गुड़गांव से शुरू होकर सवाई माधोपुर, अलवर, रतलाम, झाबुआ, बड़ोदरा से होकर मुंबई जाएगा.’
  • मंत्रालय ने इस प्रॉजेक्ट पर सिर्फ जमीन अधिग्रहण में 16 हजार करोड़ रुपये की बचत की है.
  • ये पहला ग्रीन हाइवे है जो आदिवासी इलाकों से होकर गुजर रहा है.’
  • इलेक्ट्रिक ट्रेनों जैसे ही बिजली से चलेंगे ट्रक
  • ग्रीन हाइवे के जरिए माल ढुलाई की लागत भी बहुत घट जाएगी क्योंकि इसपर ट्रेनों जैसा इलेक्ट्रिक सिस्टम से ट्रकों का संचालन किया जाएगा
  • इसमें 80 टन के ट्रक को ग्रीन हाइवे पर रेलवे के इलेक्ट्रिक केबल से संचालित करने का विचार
  • जिस तरह ट्रेनें अपने ऊपर बिजली के तारों के जरिए ट्रैक पर दौड़ती हैं, उसी तरह ट्रक भी हाइवे पर बिजली से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे
  • अमेरिका के सैन फ्रैंसिस्को, जर्मनी और स्वीडन आदि के तर्ज पर देश में भी माल ढुलाई का अनोखा रास्ता तैयार होगा.
  • 5 गुना कम हो जाएगी ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट
  • सरकार के पहले कार्यकाल में करीब 40 हजार किलोमीटर सड़क का निर्माण हुआ और वैश्विक स्तर के हाइवे नेटवर्क तैयार करने पर 4 लाख 31 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए गए.

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