अब समय आ गया है कि अंग्रेजी परंपरा से निकला जाए- निर्मला

नई दिल्ली. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में आज वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पहला बजट पेश किया. पहला बजट पेश करते हुए महिलाओं, किसान, ग्रामीण भारत के लिए बड़े ऐलान किए हैं.

मध्यम वर्ग को भी बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने होम लोन के ब्याज पर मिलने वाले इनकम टैक्स छूट को साल में 2 लाख से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये कर दिया है.

लोकसभा में बजट पेश करने के बाद प्रेस कांफ्रेंस में निर्मला सीतारमण ने कहा-

  • निमर्ला सीतारमण ने कहा कि ये बजट देश के आने वाले 10 सालों को ध्यान में रख कर पेश किया गया है. स्टार्टअप को कर लाभ का एक पूरा सेट दिया जा रहा है.
  • अर्थव्यवस्था के समग्र विकास पर स्‍पष्‍ट फोकस था. हमने ग्रामीण पहलुओं को देखा, जो सभी ग्रामीण क्षेत्रों को निश्चित गति प्रदान करेंगे.
  • ब्रीफकेस के बदले लाल पोटली पर निर्मला सीतारमण ने कहा, समय आ गया है कि ब्रिटिश परम्परा से बाहर निकला जाए और अपना कुछ किया जाए. उन्‍होंने कहा कि उसको कैरी करना भी आसान है.
  • बजट में बैंकों के मुश्किल हालात पर ध्यान दिया गया है. NDFC की समस्या पर भी ध्यान दिया गया है. एससी-एसटी और गरीबों की कल्याण की योजनाओं पर राशि बढ़ाई गई है.
  • ग्रामीण भारत, शहरी भारत और युवाओं का पूरा ख्याल रखा गया है. इसके अलावा समाज के सभी वर्गों को भी बजट में समाहित करने की कोशिश की गई है.
  • वित्त मंत्री ने कहा, बजट में बहुत तोहफा है. हर साल बैंक अकाउंट से एक करोड़ निकालने की जरूरत क्या होगी? हम ट्रांजैक्शन के खिलाफ नहीं हैं, कैश के खिलाफ हैं.
  • निमर्ला सीतारमण ने कहा कि ये बजट देश के आने वाले 10 सालों को ध्यान में रख कर पेश किया गया है. स्टार्टअप को कर लाभ का एक पूरा सेट दिया जा रहा है.
  • अर्थव्यवस्था के समग्र विकास पर स्‍पष्‍ट फोकस था. हमने ग्रामीण पहलुओं को देखा, जो सभी ग्रामीण क्षेत्रों को निश्चित गति प्रदान करेंगे.
  • ब्रीफकेस के बदले लाल पोटली पर कहा, समय आ गया है कि ब्रिटिश परम्परा से बाहर निकला जाए और अपना कुछ किया जाए. उन्‍होंने कहा कि उसको कैरी करना भी आसान है.
  • बजट में बैंकों के मुश्किल हालात पर ध्यान दिया गया है. NDFC की समस्या पर भी ध्यान दिया गया है. एससी-एसटी और गरीबों की कल्याण की योजनाओं पर राशि बढ़ाई गई है.
  • ग्रामीण भारत, शहरी भारत और युवाओं का पूरा ख्याल रखा गया है. इसके अलावा समाज के सभी वर्गों को भी बजट में समाहित करने की कोशिश की गई है.
  • वित्त मंत्री ने कहा, बजट में बहुत तोहफा है. हर साल बैंक अकाउंट से एक करोड़ निकालने की जरूरत क्या होगी? हम ट्रांजैक्शन के खिलाफ नहीं हैं, कैश के खिलाफ हैं.

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