NGT ने जर्मन कार कम्पनी VOLKSWAGEN पर लगाया 100 करोड़ रूपये का जुर्माना

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने जर्मन कार कंपनी फॉक्सवैगन को शुक्रवार शाम 5 बजे तक 100 करोड़ रुपए जमा कराने का निर्देश दिया है. एनजीटी ने यह आदेश फॉक्सवैगन की गाड़ियों से वायु प्रदूषण बढ़ने के मामले में सुनाया.

एनजीटी ने इससे पहले फॉक्सवैगन से कहा कि था अगर वह कल शाम 5 बजे तक 100 करोड़ रुपये जमा नहीं करती तो, कम्पनी खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी. कंपनी के इंडिया हेड की गिरफ्तारी हो सकती है.

इसके साथ ही कम्पनी की सम्पत्ति भी कुर्क की जा सकती है. फॉक्सवैगन को सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड में पैसे जमा करवाने होंगे. एनजीटी ने पिछले साल फॉक्सवैगन को यह रकम जमा करने के लिए कहा था. लेकिन कंपनी ने इस आदेश का पालन नहीं किया.

इसी को ध्यान में रखते हुए एनजीटी को इस बार सख्त रवैया अपनाना पड़ा. फॉक्सवैगन की कारों से साल 2016 में नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन काफी ज्यादा हुआ था. वहीं कंपनी ने सॉफ्टवेयर के जरिए प्रदूषण को कम करके दिखाया.

फॉक्सवैगन ने यह बात स्वीकार की थी की अपने डीजल वाहनों में गलत डिवाइस का इस्तेमाल किया था. इन वाहनों का यूएस, यूरोप के साथ कई ग्लोबल मार्केट में बेचा गया था. जिसे लेकर कम्पनी को दुनियाभर में काफी किरकरी झेलनी पड़ी थी.

कम्पनी ने साल 2015 में कुल 3,23,700 वाहनों को रिकॉल किया था जो भारत के एमिशन स्टैंडर्ड BS-IV के मुकाबले में लगभग 1.1 से 2.6 गुना तक एमिशन कर रहे थे. एनजीटी की चार सदस्यीय कमेटी ने कार कम्पनी पर 171.34 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की सिफारिश की थी.

एक अनुमान के मुताबिक विशेषज्ञ कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि फॉक्सवैगन की कारों ने दिल्ली में 2016 में लगभग 48.68 टन एनओएक्स उत्सर्जन किया. जो कि पर्यावरण के लिहाज से काफी खतरनाक है.

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