नया प्रदेश, नई संभावनाएं, नए बदलाव
  • पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति के 87वें दिन देश के 8वें व 9वें केंद्रशासित प्रदेश के रूप में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पुनर्जन्म हुआ
  • नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भी सरदार पटेल के एक-एक शब्‍द का महत्‍व है

आशुतोष कुमार पांडेय

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 144वीं जयंती धरती के स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर व लद्दाख के लिए उम्मीदों की नई सुबह लेकर आया. लौहपुरुष की जयंती यानी 31 अक्टूबर आजाद हिंदुस्तान के 72 साल के इतिहास में स्वर्णिम तिथि के रूप में अंकित हो गया.

पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 की समाप्ति के 87वें दिन देश के 8वें व 9वें केंद्रशासित प्रदेश के रूप में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पुनर्जन्म हुआ. उल्लेखनीय है कि भारत का अभिन्न अंग होते हुए भी कई मायनों में यह पूरी तरह से भारत के साथ रच बस नहीं पाया था.

बहरहाल, अनुच्छेद 370 को खत्म कर सरकार ने देश को अखंड बनाने का सरदार वल्लभ भाई पटेल का अधूरा काम और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का एक निशान एक विधान का सपना पूरा कर दिया है. राज्य पुनर्गठन के बाद अब जाकर सही मायनों में धरती के इस स्वर्ग का भारत में विलय हो पाया है.

इसी के साथ राज्य में संसद के बने सभी कानून लागू हो सकेंगे. नई व्यवस्था के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में जहां विधानसभा होगी वहीं लद्दाख बगैर विधानसभा वाला केंद्र शासित प्रदेश होगा. सरदार पटेल की जयंती पर दोनों राज्यों का अभ्युदय उन्हें देश की सच्ची श्रद्धांजलि है.

आजादी के वक्त 565 रियासतों को एक सूत्र में पिरोकर एक मजबूत भारत बनाने वाले लौह पुरुष सरदार पटेल के जन्मदिन पर जम्मू-कश्मीर का पुर्नजन्म ऐतिहासिक है.

केंद्र सरकार के द्वारा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हस्ताक्षर सहित जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो केंद्र शासित घोषित करने वाला राजपत्र (गजट) जारी होने के साथ ही दोनों राज्य अब विकास की पटरी पर दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

गुजरात के केवडिया में स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी पर श्रद्धांजलि देने ने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भी सरदार पटेल के एक-एक शब्‍द का महत्‍व है. 370 की दीवार गिराकर सरदार का सपना साकार किया.

जम्‍मू-कश्‍मीर पुनर्गठन एक्‍ट, 2019 के प्रभावी होने के बाद अस्तित्‍व में आए केंद्र शासित प्रदेश जम्‍मू और कश्‍मीर के पहले उपराज्‍यपाल के रूप में गिरीश चंद्र मुर्मू ने और रिटायर्ड आईएएस राधा कृष्‍ण माथुर ने लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली.

जम्‍मू-कश्‍मीर हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्‍तल ने इन्हें शपथ दिलाया. दोनों राज्यों के केंद्रशासित प्रदेश बनने के साथ ही कई बदलाव भी देखने को मिले.

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पूरा लेख पढ़ें युगवार्ता के 10 अक्टूबर अंक में…

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