23वीं बार MOUNT EVEREST की चढ़ाई कर तोड़ा अपना ही RECORD

नेपाल के शेरपा समुदाय के पर्वतारोही कामी रीता शेरपा ने 23वीं बार हिमालय की सबसे ऊंची चोटी MOUNT EVEREST की चढ़ाई कर इतिहास रच दिया है. 49 साल के शेरपा ने आज सुबह करीब सात बजकर 50 मिनट पर एवेरेस्ट पर चढ़ाई कर अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इससे पहले उन्होंने साल 2018 में 16 मई को अपनी 22वीं चढ़ाई की थी.

2018 से पहले माउंट एवरेस्ट पर सबसे ज्यादा चढ़ने का र‍िकॉर्ड अप्पा शेरपा और फुर्बा ताशी शेरपा के नाम था जो 21 बार माउंट एवरेस्ट पर चढ़ चुके हैं.

हैरानी की बात तो ये है कि शेरपा ने चढ़ाई करने के लिए कठिन रास्ता चुना. उन्होंने ये चढ़ाई नेपाल की तरफ से की जिसे बेहद ही जटिल और कठ‍िन माना जाता है. शेरपा ने साल 1994 में 24 साल की उम्र में पहली बार माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई पूरी की थी.

नेपाल के पर्वतारोही कामी रीता शेरपा का जन्म नेपाल के थामे में साल 1970 में हुआ था. 17 साल की उम्र में उन्होंने ट्रेक‍िंग इंडस्ट्री में कदम रखा. कामी रीता शेरपा एक अमरीकी कंपनी के लिए गाइड का काम करते हैं जो पर्वतारोहन ट्रिप का आयोजन करती है.

माउंट एवरेस्ट के अलावा शेरपा ने कंचनजंगा-2, चो-ओयु, लोस्ते और अन्नपूर्णा जैसे ऊंचे पहाड़ों पर चढ़ाई की है.

साल 1953 में पहली बार सर एडमंड हिलेरी और तेनजिंग शेरपा ने माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई की थी. इसके बाद से माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहण के लिए एक आकर्षक व्यवसाय बन गया. इसके अलावा बाबुछिरि शेर्पा एवरेस्ट चोटी पर सबसे अधिक समय तक रहने वाले व्यक्ति हैं.

क्या करता है शेरपा समुदाय

विदेशी पर्वतारोही पर्वतारोहन के लिए अनुभवी शेरपाओं की मदद लेते हैं. ये अनुभवी शेरपा पर्वतारोही दल के लिए ट्रैवल रूट तैयार करते हैं, रस्सियां जगह पर लगाते हैं और ज़रूरी औजार और सामान साथ लेकर चलते हैं. नेपाल के पहाड़ी क्षेत्रों के लोग शेर्पा स्त्रियों को शेर्पानी कहते हैं.

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