भारी पड़े जवान, जान बचा कर भागे नक्सली

औंधी थाने में पड़ने वाला कोहकाटोला का जंगल बहुत घना है. मुखबिर से सूचना मिलती है कि यहां नक्सलियों ने अपना कैंम्प लगा रखा है. फिर क्या था आईटीबीपी और एसटीएफ जवानों और छत्तीसगढ़ पुलिस का सचल दस्ते ने उस ओर कूच कर दिया. नक्सलियों के कैम्प में हलचल देखते ही जवानों ने फायरिंग शुरू कर दी.

पहले तो नक्सलियों ने सामना करने की कोशिश की लेकिन जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली अपनी जान बचाकर भाग निकले. पुलिस का कहना है कि मुठभेड़ में कई नक्सलियों के घायल होने की संभावना है. वहीं सेना के जवान सर्च ऑपरेशन कर रहे हैं. पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया है.

दरअसल राजनांदगांव और कांकेर जिले की सीमा पर कोहकाटोला का जंगल पड़ता है. सूचना मिली थी कि इसी जंगल में नक्सलियों ने डेरा डाला है. इससे पहले भी नक्सलियों और जवानों की कई बार मुठभेड़ हो चुकी है. कुछ दिन पहले अतिसंवेदनशील नक्सली क्षेत्र अंतागढ़ के ताडोकी पुलिस थाना अंतर्गत मुरनार के जंगलों में राज्य पुलिस की स्पेशल टीम डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्डस(डीआरजी) और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी, जिसमें दो नक्सली मारे गए थे.

उनके पास से दो एसएलआर, एक थ्री नॉट थ्री और एक 315 बोर की बन्दूक बरामद हुई थी. पुलिस अधीक्षक कन्हैयालाल ध्रुव ने मुठभेड़ की पुष्टि की थी. नक्सल विरोधी अभियान के डीआईजीपी पी. सुंदरराज ने बताया था कि पुलिस को कांकेर के टाडोकी थानाक्षेत्र के मुरनार गांव के आस-पास नक्सली हलचल की खबर मिली थी. इसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया था. इस दौरान हुई मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर हो गए थे.

आठ जून को भी नक्सलियों ने सुकमा जिले में उत्पात मचाया था. उन्‍होंने दोरनापाल से जगरगुंडा के बीच सड़क निर्माण में लगे दो वाहनों को आग के हवाले कर दिया था और मजदूरों को काम नहीं करने की हिदायत दी थी. इस घटना को अंजाम देने के लिए 50 से 60 हथियारबंद नक्सली आए थे.

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गरी ब्लॉक के ग्राम कट्टीगांव के जंगल में पुलिस की टीम सर्चिंग के लिए निकली थी. उसी दौरान नक्सलियों के साथ पुलिस का आमना-सामना हो गया. इस मुठभेड़ में एक महिला नक्सली कमांडर मारी गई. शासन ने मारी गयी नक्सली पर आठ लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार घटना कांकेर-धमतरी सीमा क्षेत्र की है. मंगलवार सुबह पुलिस की ए-30 टीम व डीआरजी पार्टी धमतरी जिले के अंतिम छोर कट्टीगांव-सिंघनपुर के जंगल में सर्चिंग ऑपरेशन के लिए निकली थी.
नक्सलियों के नकेल डालने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान लगातार ऑपरेशन करते रहते हैं. जिससे नक्सलियों की कमर टूट रही है और वो छिपने को मजबूर हो रहे हैं.

मधुकर वाजपेयी / Madhukar Vajpayee

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