श्रीलंका में सांप्रदायकि हिंसा को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए कर्फ्यू में बुधवार को ढील देने के कुछ घंटों के बाद इसे फिर से लगाना पड़ गया. इस दौरान 100 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया.

रिपोर्ट के मुताबिक, कर्फ्यू गुरुवार सुबह चार बजे तक लगा रहा. एक सैन्य प्रवक्ता ने कहा है कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है. इस बीच श्रीलंका की वायुसेना के प्रवक्ता ग्रुप कैप्टन गिहान सेनेविरात्ने ने कहा कि वायुसेना अवैध रूप से एक जगह जमा होने और हिंसा पर रोक लगाने में मदद के लिए दिन-रात हेलीकॉप्टर तैनात करेगी.

उन्होंने आगे कहा, ‘हमने ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के बारे में आसमान से फोटोग्राफिक सबूत हासिल करने और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ ऐसे सबूत भेजने के लिए पहले ही कदम उठाए गए हैं.’

पुलिस प्रवक्ता गुणाशेखर ने बताया कि सबसे अधिक प्रभावित पश्चिमी प्रांत में मुस्लिम विरोधी हिंसा को लेकर कम से कम 78 लोग गिरफ्तार किए गए हैं. शेष संदिग्ध देश के अन्य हिस्सों से गिरफ्तार किए गए हैं.

उधर, वित्त मंत्री मंगला समरवीरा ने कहा कि श्रीलंका को आतंकवादी हमले के बाद की स्थिति में अमेरिका या किसी अन्य देश से सेना बुलाने की जरूरत नहीं है.

सोशल मीडिया से प्रतिबंध हटाया

श्रीलंका के राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरीसेना ने ईस्टर के दौरान देश में हुए भीषण बम धमाकों के बाद सोशल मीडिया,व्हाटसएप, वाइबर , फेसबुक, मैसेंजर्स पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटा लिया था.

बुर्का और नकाब पहनने पर लगा प्रतिबंध

श्रीलंका के राष्ट्रपति ने सख्त रवैया इख्तियार करते हुए मुंह को किसी भी तरह के कपड़े से ढकना पर पूरी तरह से प्रतिबंधित लगा दिया था. इसमें बुर्का और नकाब भी शामिल है.

पुलिस ने गिरफ्तार किए सात हमलावर

नौ मई को श्रीलंकाई पुलिस ने स्थानीय इस्लामिक संगठन नेशनल तौहीद जमात के सात प्रशिक्षित हमलावरों को गिरफ्तार किया था.

हिन्दुस्थान समाचार/ कृष्‍ण