NASA के सेंटर से लॉन्च हुआ स्पेसक्राफ्ट कल्पना चावला, ISS तक ले जाएगा कई एक्सपेरिमेंट

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नासा (NASA) ने भारतीय मूल की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला (Kalpana Chawla) के नाम से सिग्नस स्पेशशिप (Signus Spaceship) को लॉन्च कर दिया है. ये स्पेसक्रॉफ्ट दो दिन बाद इंटरनैशनल स्पेस स्टेशन (International Space Station) पहुंचेगा. इसके बारे नासा ने ट्वीट कर जानकारी दी है. इस स्पेशशिप का काम इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर सामान पहुंचाने की होगी.

बता दें कि नासा का कमर्शियल कार्गो स्पेसक्राफ्ट वर्जीनिया के मिड-अटलांटिक रीजनल स्पेसपोर्ट से शुक्रवार रात 9.38 बजे (भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह 7.05 बजे) लॉन्च हो गया. ये कार्गो स्पेसशिप कल्पना चावला के नाम पर है. खास बात ये है कि ये स्पेसक्राफ्ट 3630 किलो कार्गो स्पेस स्टेशन पहुंचाएगा.  इस एयरक्रॉफ्ट के जरिए फिर वहां कई तरह के एक्सपेरिमेंट भी किए जाएंगे.

सितंबर में इस स्पेसशिप का नाम कल्पना चावला के नाम पर रखने का ऐलान किया गया था. कंपनी ने कहा था कि- कल्पना चावला के नाम पर अपने अगले एनजी-14 सिग्नस स्पेसक्राफ्ट का नाम रखते हुए उन्हें गर्व हो रहा है.

वहीं इस मौके पर कल्पना चावला के पति जीन पिएरे हैरिसन ने कहा, “इस रॉकेट का नामकरण अपने नाम पर देख कल्पना बहुत खुश होती. वृहद पैमाने पर देखें, तो इसका मतलब है कि भारतीय लोग सबसे बेहतरीन को भी मात दे सकते हैं और सफल हो सकते हैं.”

किए जाएंगे कई तरह के एक्सपेरिमेंट

इस एयरक्रॉफ्ट के जरिए वहां कई तरह के एक्सपेरिमेंट किए जाएंगे जिसमें से एक ल्यूकेमिया का इलाज करने वाले बॉयोलॉजिकल ड्रग का है. दूसरा एक तरह की मूली भी उगाई जानी है, जो भविष्य में अंतरिक्ष फसलों का काम करेगी. इसके अलावा शोधार्थी अलग-अलग तरह की रोशनियों और मिट्टी के हालातों में दूसरे पौधों को उगाने का भी टेस्ट करेंगे, ताकि आगे चलकर अंतरिक्ष में ही पोषक खाना उगाया जा सके.

इसके अलावा माइक्रोग्रैविटी में कैंसर की दवाओं का टेस्ट किया जा सकेगा जिससे और सुरक्षित और असरदार इलाज खोजा जा सके. इनके अलावा एक ऐस्ट्रोनॉट्स को स्पेस स्टेशन पर यूरिन में मौजूद यूरिया को अमोनिया में बदलकर पानी बनाने का एक्सपेरिमेंट भी किया जाएगा.

पहले 29 सितंबर को होना था लॉच

स्पेशशिप बीते 29 सितंबर को लॉन्च किया जाना था पर खराब मौसम के कारण इसे अब लॉन्च किया गया है. अभी भी लॉन्चिंग से ठीक पहले इसके ग्राउंड सपोर्ट इक्विपमेंट में खराबी आने की खबर आई थी लेकिन बाद में उसे ठीक कर स्‍पेसशिप को लॉन्‍च कर दिया गया.

साल 2003 में अंतिरक्ष जाने वाली पहली भारतीय महिला बनी थीं कल्पना

16 जनवरी, 2003 को कल्पना चावला अमेरिकी अंतिरक्ष यान कोलंबिया के चालक दल के रूप में अंतरिक्ष में जाने वाली भारत की पहली महिला बनी थीं. 01 फरवरी 2003 को अंतरिक्ष में 16 दिनों का सफर पूरा करने के बाद वापसी के दौरान पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते समय और निर्धारित लैंडिंग से सिर्फ 16 मिनट पहले साउथ अमेरिका में अंतरिक्ष यान कोलंबिया दुर्घटनाग्रस्त हो गया और कई टुकड़ों में बंटकर नष्ट हो गया. इस हादसे में कल्पना चावला समेत सभी चालक जान गंवा बैठे थे. तीन साल बाद सुनीता विलियम्स 2006 में भारतीय मूल की दूसरी अंतरिक्ष यात्री बन गईं.