सदस्यता रद्द मामले में नरोत्तम मिश्रा ने विधानसभा सचिवालय की भूमिका पर उठाया सवाल

(file photo)
Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp

भोपाल. पवई सीट से बीजेपी विधायक प्रहलाद लोधी की सदस्यता रद्द होने के मामले में अब भी राजनीतिक घमासान मचा हुआ है.इस मामले में बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल बुधवार दोपहर राज्यपाल से मिलेगा. प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव, पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, स्वयं विधायक प्रहलाद लोधी सहित कई नेतागण शामिल रहेंगे. राज्यपाल से मुलाकात के पहले पूर्व मंत्री और बीजेपी विधायक नरोत्तम मिश्रा ने सचिवालय की भूमिका पर सवाल उठाया है.

बुधवार को पत्रकारों को बातचीत करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान और नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से मुलाकात कर प्रहलाद लोधी के बारे में विधानसभा सचिवालय ने जो भ्रम पूर्ण परिस्थिति निर्मित कर दी है, उसको स्पष्ट करने जा रहे है.

उन्होंने कहा कि न्यायालय के जिस आदेश का हवाला देकर विधानसभा सचिवालय ने उनकी सदस्यता निरस्त की थी. उसके बाद का निर्णय 2018 का लोकप्रहरी बनाम चुनाव आयोग का निर्णय आ गया है, जिसमें स्पष्ट रूप से लिखा है कि 2 साल की जिस सजा के तहत अगर वह सजा अमान्य हो जाती है जिससे सदस्यता निरस्त की है वो तत्काल बहाल मानी जाएगी.

नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि विधानसभा सचिवालय ने अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर ये आदेश निकाला है.यह आदेश संविधान की 110-11 और 12 में स्पष्ट रूप से लिखा है कि इसका राज्यपाल को अधिकार है और आप ऐसा विधानसभा को कहे.

हिन्दुस्थान समाचार/ नेहा पाण्डेय