अयोध्या मामले पर रिव्यू पिटीशन को श्री श्री रविशंकर ने बताया दोहरा रवैया

कोलकाता, प. बंगाल।

आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने अयोध्या में राम मंदिर बनाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ मुस्लिम संगठनों की रिव्यू पिटीशन को दोहरा रवैया करार दिया है. 

रविवार को कोलकाता में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानते हुए हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदाय के लोगों को देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए एक साथ काम करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने फैसले की समीक्षा करने के लिए पुनर्विचार याचिका दायर की है. अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त मध्यस्थता पैनल का हिस्सा रहे श्री श्री ने कहा कि अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने के लिए बहुत कुछ किया जाना चाहिए. 

उन्होंने कहा कि वह अयोध्या पर फैसले से खुश हैं. उन्होंने कहा, वह 2003 से कह रहे हैं कि दोनों समुदाय इस पर काम कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि एक तरफ मंदिर का निर्माण और दूसरी तरफ मस्जिद. वहां मस्जिद ही बननी चाहिए इस जिद का कोई मतलब नहीं है.

श्री श्री रविशंकर ने नेताजी इंडोर स्टेडियम में अपने नए राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम ‘व्याक्ति विकास से राष्ट्र विकास’ की घोषणा की. उन्होंने शीर्ष अदालत के फैसले को “लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाने के लिए बहुत अच्छा निर्णय बताया.  

हिन्दुस्थान समाचार/ओम प्रकाश

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