Akhilesh को Mulayam ने दी सलाह, Shivpal की हो सकती है ‘घर वापसी’

यूपी में एसपी-बीएसपी गठबंधन के बाद भी लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की जो स्थिति हुई उसके लिए अब पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ही जिम्मेदार ठहराए जा रहे हैं.

गठबंधन के बाद सपा को उत्‍तर प्रदेश में ज्यादा सीटें मिलने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. ऐसे में अब सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के नेतृत्‍व पर सवाल उठाए हैं.

पार्टी की कमान जब से अखिलेश ने संभाली है, पार्टी की हासिए पर चली गई है. 2014 लोकसभा चुनाव के वक्‍त अखिलेश यादव उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री थे, इसके बावजूद सपा के खाते में केवल पांच सीटें ही आई थीं.

2017 में विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्‍यक्ष बनें और मुलायम सिंह की मर्जी के बिना ही कांग्रेस (Congress) के साथ गठबंधन किया. और नतीजे में करारी हार झेलनी पड़ी. 2017 विधानसभा चुनाव में पार्टी के खाते में 403 में से केवल 47 सीटें आईं थीं.

2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अखिलेश ने बीएसपी (BSP) और आरएलडी (RLD) के साथ गठबंधन करने के बावजूद सपा केवल 5 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी. इतना ही नहीं मुलायम सिंह यादव ने अपने करियर के सबसे कम अंतर (95 हजार वोट) के साथ मैनपुरी से चुनाव जीता.

लोकसभा चुनाव में निराशा हाथ लगने के बाद अखिलेश अब अपने पिता से राजनीति की बारीकियों को सीख रहे हैं. करारी हार के बाद लगातार मंथन चल रहा है. मुलायम यादव खुद भी अखिलेश के साथ बैठक करके हार के कारणों का पता लगाने में जुटे हैं.

मुलायम ने अखिलेश को सलाह दी कि गैर-यादव नेताओं को पार्टी से फिर जोड़ना शुरू करें साथ ही इस धारणा को खत्‍म करने की कोशिश करें कि सपा यादवों की पार्टी है. इतना ही नहीं जानकारी के अनुसार मुलायम ने शिवपाल (Shivpal Yadav) को फिर से समाजवादी पार्टी में वापस बुलाने की सलाह दी है. मुलायम सिंह ने अखिलेश को सलाह दी है कि वे पार्टी के वरिष्‍ठ नेताओं की सलाह लिया करें.

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