गला दबाकर नहीं, गले लगाकर बुलवाया जा सकता है ‘जय श्री राम’: Mukhtar Abbas Naqvi

झारखंड मॉब लिंचिंग (Mob Lynching) की केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) ने कड़ी आलोचना की है. नकवी ने इस मामले को जघन्य अपराध बताते हुए कहा कि लोगों का गला दबाकर नहीं, बल्कि गले लगाकर ‘जय श्री राम’ बुलवाया जा सकता है.

हज कोर्डिनेटर, हज असिस्टेंट आदि के दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में नकवी (Mukhtar Abbas Naqvi) ने कहा कि झारखंड की घटना में जो लोग भी शामिल हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

नकवी ने कहा कि जो लोग ऐसी चीजें ऐसी करते हैं उनका मकसद सरकार के सकारात्मक काम को प्रभावित करना है. कुछ घटनाएं हो रही है, उनको रुकना चाहिए.

क्या था मामला?

झारखंड के खरसांवा जिले में चोरी के शक में एक युवक की बेरहमी से पिटाई की गई जिसके बाद उसकी मौत हो गई. भीड़ ने 18 घंटे तक युवक को जमकर पीटा. घटना को लेकर तबरेज के परिवार का कहना है कि ये सांप्रदायिक हमला था और उससे जबरन जय श्रीराम और जय हनुमान के नारे लगाने के लिए कहा गया.

इस मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है. और अब तक इस मामले में 11 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. साथ ही दो पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है.

पुलिस ने बताया कि कथित चोरी को लेकर इस युवक के साथ भीड़ ने मारपीट की थी और इस घटना का एक कथित विडियो सामने आया है, जिसमें कुछ लोग पीड़ित को ‘जय श्री राम’ और ‘जय हनुमान’ बोलने के लिए विवश करते हुए दिख रहे हैं.

विपक्ष ने सरकार को घेरा

इस घटना पर देश भर की विभिन्न राजनीतिक पार्टियां आक्रोश जाहिर कर रही हैं. कांग्रेस ने कहा कि उसने घटना की जांच के लिए सात सदस्यीय टीम का गठन किया है. झारखंड प्रदेश कांग्रेस के एक नेता ने कहा कि हम मृतक के परिवार को 25 लाख रुपये मुआवजा और उसकी पत्नी को नौकरी दिए जाने की मांग करते हैं.

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