आज के दिन मदर टेरेसा ने दुनिया को कहा था अलविदा ,पढ़िए उनके बारे में ये बड़ी बातें

कोलकाता. लोगों की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाली मदर टेरेसा का आज के दिन ही निधन हुआ था. मदर टेरेसा ममता की मूरत थीं उन्हें पूरे भारत में मां का दर्जा प्राप्त है. परेशान लोगों की मदद करने में सबसे आगे रहने वाली मदर टेरेसा ने कई लोगों को नया जीवन दिया और न जाने कितने लोगों की मदद की.


मदर टेरेसा को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

सेवा के लिए खुद को समर्पित कर देने वाली महान संत मदर टेरेसा को पुण्यतिथि के मौके पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दी है.

मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर लिखा. कि “कोलकाता की संत” की उपाधि से नवाजी गई मदर टेरेसा का 1997 को आज ही निधन हुआ था. उन्होंने जीवनभर गरीबों की सेवा की. मैं उन्हें प्रेमपूर्वक याद कर श्रद्धांजलि दे रही हूं. उनकी याद में आज के दिन को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सेवा के लिए अंतराष्ट्रीय दिवस घोषित किया गया है.

मदर टेरेसा का जन्म.

मदर टेरेसा का जन्म 26 अगस्त, 1910 को यूगोस्लाविया में हुआ था. वो एक अल्बेनियाई परिवार में पैदा हुई थी. बीमार हाला्तों से परेशान लोगों के लिए मदर टेरेसा हमेशा आगे रहती थी.

विशेष

  • मदर टेरेसा को पूरी दुनिया मदर टेरेसा के नाम से जानती है पर उनका असली नाम अगनेस गोंझा बोयाजि था.
  • उन्हें अपने नेक कामों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार भी मिल चुका है.
  • मदर टेरेसा को कई देशों की नागिरकता मिली हुई थी. जिसमें भारत समेत सर्बिया, युगोस्लाविया ऑटोमन, बुल्गेरिया देश शामिल है.
  • मदर टेरेसा ने सन 1950 कोलकाता में ‘मिशनरीज ऑफ चैरिटी’ की स्थापना की थी.
  • मिशनरीज ऑफ चैरिटी दुनिया के 123 देशों में ये सेवाएं निरंतर जारी है
  • सन् 1980 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया.
  • उन्होंने जब सस्ंथा को शुरु किया तब साथ काम करने वाले केवल 12 लोग थे. आज ये 123 देशों में काम कर रहें है.
  • मदर टेरेसा लगातार लोगों की निरंतर निस्वार्थ सेवा करते करते वो खुद बीमार रहने लगीं. उन्होंने 1996 में अपने पद से इस्तीफा दिया.

निधऩ

दुनिया में ममता की मूरत मानी जाने वाली मदर टेरेसा ने 5 सितंबर 1997 को इस दुनिया में आखिरी सांस ली.

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