छत्तीसगढ़ः धमतरी जिले में 4 हजार से ज्यादा किसान अब तक नहीं बेच पाए धान

धान मंडी
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धमतरी, छत्तीसगढ़।

समर्थन मूल्य में धान बेचने अब सिर्फ 6 दिन बचे है. धान खरीद के अंतिम समय में भी केन्द्रों में धान की अच्छी आवक बनी हुई है. पंजीकृत किसानों में से अब तक 4078 छोटे-बड़े किसान अपना धान नहीं बेच पाए है. बचे हुए दिनों में धान बेचने इन किसानों को केन्द्रों में मशक्कत करनी पड़ेगी, क्योंकि अब उनके पास धान बेचने काफी कम समय बचा है. 

छत्‍तीसगढ़ समेत जिले में एक दिसंबर से समर्थन मूल्य में धान खरीद शुरू हुई. केन्द्रों में धान बिक्री के लिए शासन ने लिमिट तय कर दिया. खरीद के दौरान समय-समय पर खराब मौसम और बारिश के चलते खरीद बंद रही. ऐसे कई कारणों के चलते इस साल धान खरीद जिले में पिछड़ गई है. 

समर्थन मूल्य में धान खरीद के लिए अंतिम तिथि 15 फरवरी निर्धारित थीं, लेकिन खरीद के अंतिम समय पर बेमौसम भारी बारिश से खरीद प्रभावित होने के कारण शासन ने धान खरीद के लिए पांच दिन बढ़ा दिया. अब खरीद 20 फरवरी तक चलेगी. समर्थन मूल्य में धान बेचने के लिए जिले में 1 लाख 5 हजार किसानों ने केन्द्रों में अपना पंजीयन कराया था. 

खरीदी के डेढ़ माह में अब तक पंजीकृत एक लाख 922 किसान अब तक अपना धान बेच चुके हैं. धान बेचने सिर्फ 4 हजार 78 किसान शेष है. धान बेचने के लिए सिर्फ 6 दिन बचे हैं. 13 फरवरी गुरूवार को खरीद केन्द्र में धान की आवक निरंतर बनी हुई है. अन्य सालों में खरीद के अंतिम दिनों में केंद्रों धान की आवक थम जाती थी. समर्थन मूल्य में किसानों के खरीदे गए धान के उठाव में जिला पीछे है. 

करीब ढाई महीने में जिले के 85 केन्द्रों में कुल 39 लाख 92 हजार 533 क्विंटल धान की खरीद कर ली गई है. उठाव सिर्फ 24 लाख 35 हजार 706 क्विंटल का हो पाया है, जो 65 प्रतिशत है. धान के उठाव पिछड़ने के कारण अब शासन को राज्य से पत्र आना भी शुरू हो गया है. धीमी गति से धान के उठाव होने के कारण जिले के सभी 85 केन्द्रों में अभी भी खुले आसमान के नीचे 15 लाख क्विंटल धान पड़ा है, जिस पर खराब मौसम और बारिश का खतरा मंडरा रहा है. 

बारिश थमने के बाद शेड पर नीचे में रखे धान बारिश से खराब हो गए हैं. कुछे ही स्थानों में धान की बोरियों से धान के बीजों में अंकुरण निकल आया है, इससे धान खराब हो गया है. समय रहते धान को उठावे नहीं हुआ, तो भविष्य में बारिश से धान भीगने की आशंका है.

डीएमओ केके देवांगन का कहना है कि धान के उठाव में तेजी आने लगी है. अंतिम तिथि तक सभी धान खरीदी केंद्रों में पूर्णता धान खरीदी हो जाएगी.

ह‍िन्‍दुस्‍थान समाचार/गेवेन्‍द्र पटेल