कोरोना और नियम आधारित विश्व व्यवस्था की चुनौतियों का मिलकर करना होगा सामना: मोदी

नई दिल्ली, 15 जुलाई (हि.स.). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि नियम आधारित विश्व व्यवस्था पर पड़ रहे दवाब तथा कोरोना महामारी के बाद आर्थिक पुनर्निमाण के लिए दुनिया के लोकतांत्रिक देशों के बीच निकट सहयोग बहुत आवश्यक है.

मोदी ने बुधवार को भारत-युरोपीय संघ की शिखरवार्ता को संबोधित किया. इस शिखर वार्ता में यूरोपीय परिषद् के अध्यक्ष चाल्स मिशेल और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला गर्ट्रूड वॉन डेर लेयेन ने भाग लिया.

इन नेताओं ने कोरोना महामारी का सामना करने के लिए साझा रणनीति पर विचार करने के साथ ही आर्थिक पुनर्निमाण और अन्य विश्व मामलो पर चर्चा की .

मोदी ने कहा कि महामारी, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसी चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर काम करने की जरूरत है. उन्होंने मानवकेन्द्रित वैश्विकरण की वकालत करते हुए कहा कि विश्व व्यवस्था लेन-देन पर नहीं बल्कि मानवता के कल्याण पर आधारित होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि आज दुनिया में नियम आधारित विश्व व्यवस्था पर दवाब पड़ रहा है. वर्तमान परिस्थितियों में आवश्यक है कि लोकतंत्र, बहुलतावाद, सर्वसमावेशी व्यवस्था, अंतराष्ट्रीय संस्थाओं का सम्मान और पारदर्शिता पर बल दिया जाना चाहिए.

प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ को भारत का स्वभाविक मित्र बताते हुए कहा कि हमें अपने संबंधों को व्यापक और गहरा बनाना चाहिए. दोनों पक्षों को कार्य आधारित एजेंडे पर काम करना चाहिए जिसे समयबद्ध तरीके से क्रियांवित किया जा सके. उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी जैसी तात्कालिक समस्याओं का सामना करने के साथ ही जलवायु परिवर्तन जैसी दूरगामी समस्याओं के बारे में भी हमें ध्यान देना चाहिए.

उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस ने मानव स्वास्थ्य के साथ ही अर्थव्यवस्था के लिए भी समस्या पैदा की है. आर्थिक पुनर्निमाण के लिए विश्वव्यापी स्तर पर सहयोग की आवश्यकता है. सेहत और समृद्धि दोनों सुनिश्चित करना हमारा लक्ष्य होना चाहिए.

कोरोना महामारी का सामना करने के लिए आवश्यक दवाइयों और उपकरणों की उपलब्धता का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि भारत ने अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही 150 देशों को चिकित्सा सामग्री भेजी. भारत ने क्षेत्रीय स्तर पर साझा कार्रवाई करने के लिए भी पहल की.

मोदी ने महामारी के दौरान चिकित्सा सामग्री और उपकरण मुहैया कराने के यूरोपीय संघ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भारत का औषधी उद्योग और अनुसंधानकर्ता विश्वव्यापी प्रयासों में योगदान करने के लिए तत्पर हैं.

यूरोपीय संघ के नेताओं ने कोरोना महामारी का सामना करने के लिए भारत और प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों की सराहना की.

हिन्दुस्थान समाचार/सुफल/अनूप

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