Rajiv Gandhi के हत्यारे संगठन LTTE पर मोदी सरकार ने लिया बड़ा फैसला

पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के जिम्मेदार आतंकी संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) पर केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. मोदी सरकार ने लिट्टे के खिलाफ प्रतिबंध को तत्काल प्रभाव से पांच साल के लिए और बढ़ा दिया है.

गृह मंत्रालय ने एक अधिसूचना जारी करते हुए कहा है कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत यह प्रतिबंध बढाया गया है.

1967 में स्थापित हुआ ये आतंकी संगठन श्रीलंका में सक्रिय है. लेकिन इसके समर्थक भारत में भी हैं. 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद 14 मई 1992 में भारत ने इस संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया था.

2014 में इस संगठन पर प्रतिबंध पांच साल के लिए बढ़ाया गया था. और आज (मंगलवार) फिर से गृह मंत्रालय ने इस पर प्रतिबंध को 5 साल के लिए बढ़ा दिया है. गृह मंत्रालय ने इस संगठन को भारत की एकता और अखंडता के लिए खतरा बताया है.

गृह मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि लिट्टे की ओर से जारी हिंसा और विध्वंसकारी गतिविधियां भारत की एकता और अखंडता के लिए हानिकारक हैं. ये संगठन भारत विरोधी रुख अपनाए हुए है और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है.

गृह मंत्रालय ने कहा है कि श्रीलंका में मई 2009 में हार के बावजूद लिट्टे ने ‘ईलम’ के विचार को नहीं छोड़ा और गुप्त रूप से धन जुटाने और प्रचार गतिविधियों का काम में जुटा है.

श्रीलंका में LTTE का प्रभाव

इस आतंकी संगठन ने श्रीलंका में भी खूब खून-खराबा किया है. श्रीलंका सरकार के खिलाफ लिट्टे के संघर्ष के दौरान शांति बहाली के लिए भारत ने मदद की थी. और अपनी सेना को वहां भेजा था. भारतीय सेना ने वहां शांति स्थापना में बड़ा अहम योगदान दिया था. भारत और श्रीलंका के अलावा इस संगठन पर यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका में भी प्रतिबंध लगा हुआ है.

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