मोदी कैबिनेट ने दी कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को हरी झंडी, इससे पर्यटन में होगा इजाफा

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कुशीनगर, यूपी।

मोदी कैबिनेट की बैठक में बौद्ध तीर्थ स्थल कुशीनगर में अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डा को मंजूरी मिल गई है. कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनने से यहां के पर्यटन में काफी इजाफा होने की उम्मीद है.

एक बार अंतर राष्‍ट्रीय उड़ानें शुरू होने के बाद कुशीनगर को पर्यटन का हब बनते देर नहीं लगेगी. इससे बुद्ध सर्किट के देशों को लेकर पर्यटन और रोजगार की सम्‍भावनाओं को पंख लग जाएंगे.

यहां के लिए होंगी उड़ानें

कुशीनगर अंतर राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा से पहले चरण में म्यांमार, बैकॉक, सिंगापुर, भैरहवा, काठमांडू के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना है. अगले चरण में श्रीलंका, कोरिया, भूटान, जापान और बुद्ध सर्किट के अन्‍य देशों के लिए भी उड़ानें शुरू होंगी.

इन देशों से बड़ी तादाद में बौद्ध पर्यटक भारत आते हैं. हवाई अड्डा पूर्वी उत्‍तर प्रदेश में बौद्ध पर्यटन संभावनाओं को बढ़ावा देगा. यह क्षेत्र पूरी दुनिया से तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को आकर्षित करता है.

साल 2018 में प्रधानमंत्री ने की थी घोषणा

साल 2018 में लखनऊ में आयोजित इन्वेस्टर समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने कुशीनगर हवाई पट्टी को अंतरराष्‍ट्रीय हवाई अड्डा बनाने की घोषणा की थी. इसके बाद 03 सितंबर 2018 को कारगो की 06 सदस्सीय टीम ने हवाई पट्टी का निरीक्षण किया था. इस टीम ने एयरपोर्ट के व्यवसायिक उपयोग की संभावनाओं को टटोला था.

तैयारियों से संतुष्ट दिखे कारगो के जनरल सेक्रेटरी ने कुशीनगर एयरपोर्ट को हवाई यात्रा के अतिरिक्त व्यवसायिक हब बनाने की बात कही थी. उनका कहना था कि एयरपोर्ट के बन जाने से नेपाल के अलावा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा.

मुख्यमंत्री ने भी एयरपोर्ट का भरोसा दिया था

इसी साल मार्च में कुशीनगर दौरे पर कुशीनगर आये मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के जल्दी शुरू होने का भरोसा दिया था. उन्‍होंने कहा था कि सरकार इस दिशा में तेजी से काम कर रही है.

सीएम योगी ने कहा था कि सिविल टर्मिनल और बाउंड्रीवाल का काम पूरा कर लिया गया है. फोरलेन से हवाई अड्डे को जोड़ने का काम प्रगति पर है. इसके लिए हाल में 21 करोड़ रुपए जारी किए गए थे.

कुछ ऐसे बढ़ा हवाई अड्डा निर्माण का काम

कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के प्रस्‍ताव पर साल 2009 में काम शुरू हुआ था. तब प्रदेश में मायावती की सरकार थी. हवाई अड्डा के लिए अधिग्रहण शुरू हुआ, लेकिन परवान नहीं चढ़ सका. वर्षों तक अलग-अलग बहानों से इसका काम अटका रहा. स्‍थानीय स्‍तर पर इसे लेकर सियासत भी खूब हुई.

साल 2012 में अखिलेश यादव की सरकार बनी. अखिलेश ने साल 2013 में टेंडर निकाला. सरकार के प्रयासों पर कम्‍पनियों ने मौखिक हामी तो भरीं, लेकिन टेंडर की बोली में शामिल होने से बचती रहीं. इस बीच में इक्‍का-दुक्‍का कम्‍पनियों ने यह एहसास कराया कि अब हवाई अड्डा का काम आगे बढ़ेगा. बावजूद इसके ऐसा हो नहीं सका.

साल 2015 में राज्‍य सरकार ने इसके लिए 197 करोड़ रुपए जारी किए. चहारदीवारी और रन वे का काम शुरू हुआ, लेकिन गति बेहद धीमी थी. इस दौरान निर्माण की गुणवत्‍ता पर भी सवाल उठते रहे. अखिलेश के भी 5 साल निकल गए, लेकिन एयरपोर्ट का काम पूरा नहीं हो सका.

साल 2017 में योगी सरकार बनने के बाद प्रक्रिया में थोड़ी तेजी आई. जमीन अधिग्रहण किया जाने लगा. अब चहारदीवारी का काम लगभग 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है. एटीसी बिल्डिंग भी लगभग 95 प्रतिशत पूरी हो चुकी है. पम्‍प और पुलिस स्‍टेशन का काम चल रहा है.

टर्मिनल बिल्डिंग से एप्रेन तक का काम पूरा हो चुका है. इस बीच एयरपोर्ट के रन वे पर कारगो कम्‍पनी के कुछ स्‍टेट प्‍लेन सुरक्षित ढंग से उतरते रहे हैं. मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कुशीनगर दौरे पर कहा था कि काम पूरे होते ही अंतर राष्‍ट्रीय उड़ानें शुरू की जाएंगी.

विधायकों ने कुछ ऐसे दी प्रतिक्रिया

खड्डा विधानसभा से विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने कहा कि यह कार्य वर्षों पूर्व जो जाना चाहिए था लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी सुधि ली. अभी कुछ महीने पहले मुख्यमंत्री ने भी कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जल्दी ही शुरू होने का संकेत दिया था. इसके शुरू होने से खड्डा विधानसभा के जंगल इलाकों में रहने वालों को भी रोजगार मिलने की संभावनाएं जग गईं हैं.

कुशीनगर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी का कहना है कि केंद्र और प्रदेश सरकार हर कुशीनगर के विकास में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ा है. अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के अस्तित्व में आने के बाद इस क्षेत्र का तेजी से विकास होगा. समाज के हर वर्ग के उन्नति की राह खुलेगी.

हिन्दुस्थान समाचार/आमोद