#MISSIONSHAKTI- जानिए क्या है स्पेस वार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एक बड़ी घोषणा की. उन्होंने देश को दिए गए अपने संबोधन में बतायाकि भारत अंतरिक्ष की महाशक्ति बन गया है.

मिशन शक्ति के तहत सरकार ने इस ऑपरेशन को चलाया था. भारत की सैटेलाइट ने 300 किमी ऊपर लो अर्थ आर्बिट में भारत ने सिर्फ तीन मीनटों में सैटेलाइट को मारने में सफलता हासिल की.

अंतरिक्ष में अपना परचम लहराने वाला भारत विश्व में चौथा देश बन गया है. भारत से पहले अमेरिका, रूस और चीन के पास यह गौरव था.

स्पेस वॅार को समझें

विशेषज्ञों का मानना है कि अगला विश्व युद्ध जमीन पर नहीं होगा. अगला युद्ध अंतरिक्ष में लड़ा जाएगा. इसी को देखते हुए विश्व के प्रमुख और ताकतवर देश सैटेलाइटों को भेजने का काम तेजी से करने लगे हैं.

कई देशों ने सैटेलाइटों का प्रक्षेपण तेज कर दिया है. सभी देश अंतरिक्ष में अपनी ताकत को तेज करने में लगे हुए हैं. वहीं जून 2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक स्पेस फोर्स बनाने का एलान किया था.

इसके बाद अंतरिक्ष में हथियारों और सेनाओं की मौजूदगी को लेकर बहस छेड़ दी थी. ट्रंप ने अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन को स्पेस-फोर्स बनाने का आदेश दिया था. स्पेस-फोर्स के फैसले को वो देश की निजी सुरक्षा से जुड़ा मानते हैं.

क्या होगा भारत का फायदा

पाकिस्तान और चीन की ओर से लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत को इसका बहुत फायदा होगा. चीन और पाक की मिसाइलों का भारत की रडार से बचना अब पड़ोसी मुल्क के लिए मुश्किल भरा काम होगा. इससे न सिर्फ भारत का दुनिया में दबदबा होगा बल्कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था भी बहुत मजबूत होगी.

अभी ये हैं अंतरिक्ष महाशक्तियां

अंतरिक्ष में अगले विश्व युद्ध होने की आशंका के मद्देनजर अमेरिका, चीन और रूस की तैयारियां जोरों पर हैं. दुनिया में कुछ समय पहले तक सिर्फ रूस के पास स्पेस फोर्स थी जो 1992-97 और 2001-11 में सक्रिय रही. इसके बाद चीन और अमेरिका ने भी खुद को स्पेस वॉर के लिए तैयार किया और आज भारत ने भी अंतरिक्ष महाशक्ति होने का ऐलान कर दिया.

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