पोंपियो का चीन पर तीखा हमला, बोले- शी के सपनों की दुनिया की इजाज़त नहीं दी जा सकती

mike pompeo
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अमेरिका और चीन के बीच कूटनीतिक जंग तेज़ हो गई है. टेक्सास स्थित ह्यूस्टन चीनी वाणिज्य दूतावास को बंद किए जाने के बाद में चीन ने शुक्रवार की सुबह चेंगड़ू स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास बंद करने के आदेश जारी कर दिए. चीन ने ये कार्रवाई अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो की ओर से गुरुवार की शाम निक्सन लाईब्रेरी में दिए गए व्याख्यान में चीन पर कड़े प्रहार के बाद की.

निक्सन लाइब्रेरी में ‘साम्यवादी चीन और उन्मुक्त विश्व का भविष्य’ पर पोंपियो ने चीनी आकाओं पर तीखे शब्द वाण छोड़ते हुए कहा कि अमेरिका ने पिछले 50 सालों में चीन पर बहुत भरोसा किया है, लेकिन अब वह कारोबार से लेकर प्रौद्योगिकी तक किसी भी मामले में चीन पर भरोसा करने को तैयार नहीं है.

उन्होंने कहा कि यह एक कटु सत्य है कि लोग 21वीं सदी में एक सुखद और उन्मुक्त जीवनचर्या चाहते हैं. लेकिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इसमें बाधक हैं. वो इस शताब्दी को जिस तरह अपने स्वप्न की एक मिसाल के रूप मे ढालना चाहते है, वह संभव नहीं है. इसकी कदापि इजाज़त नहीं दी जा सकती.

उन्होंने ये भी कहा कि ह्यूस्टन स्थित चीनी वाणिज्य दूतावास ख़ुफ़िया तंत्र का अड्डा बन चुका था. वहां बौद्धिक सम्पदा और सरकारी डाटा की लगातार चोरी हो रही थी.

चीन में अमेरिका के पांच वाणिज्य दूतावासों में चेंगड़ू एक ऐसे सामरिक स्थान पर था, जहां से अमेरिका चीन के पश्चमी हिस्से में उईगर मुस्लिम बहुल शिनजियांग प्रांत पर और तिब्बत में ल्हासा पर निगाहें गड़ाए हुए था. इस दोतरफ़ा कूटनीतिक जंग के बाद दोनों देशों के बीच वीज़ा नियंत्रण, नए ट्रेवल नियम, राजनयिकों के आने-जाने, एक दूसरे देश के पत्रकारों की रिपोर्टिंग को ले कर भी अंकुश लगने प्रारंभ हो जाएंगे.

हिन्दुस्थान समाचार/ललित