गर्भवती महिलाओं के लिए क्यों खतरनाक है माइग्रेन, पढ़ें ये खबर

आज के समय में माइग्रेन एक बहुत ही आम समस्या है. इसमें सिर के एक ओर तेज दर्द उठता है जिसको बर्दाश्त कर पाना बहुत मुश्क‍िल है. उल्टी आना, चक्कर आना और थकान महसूस होना माइग्रेन के प्रमुख लक्षण हैं पर ये बिमारी गर्भवती महिलाओं के लिए घातक है.

डेनमार्क में 22,000 गर्भवती महिलाओं पर किया गया अध्ययन

डेनमार्क की आरहूस यूनिवर्सिटी ने एक शोध में पाया है कि माइग्रेन से पीड़ित गर्भवती महिलाओं को गर्भपात, सीजेरियन सेक्शन का खतरा और जन्म के समय कम वजन वाले बच्चे का जन्म जैसी समस्याएं होती है. इस शोध के लिए शोधकर्ताओं ने माइग्रेन से पीड़ित 22,000 गर्भवती महिलाओं पर अध्ययन किया.

इस अध्ययन में पाया गया कि माइग्रेन से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में सीज़ेरियन सेक्शन का जोखिम 15-25 प्रतिशत अधिक होता है. डेनमार्क में लगभग 20 प्रतिशत गर्भवती महिलाओं का सीजेरियन सेक्शन होता है.

वहीं हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि पुरुषों की अपेक्षा में महिलाओं को माइग्रेन की समस्या ज्यादा होती है. इस बिमारी ने लगभग 20 प्रतिशत महिलाओं को अपना शिकार बना रखा है. गर्भवती महिलाओं के लिए इस बिमारी से निजात पाना बेहद जरूरी है. माइग्रेन के कारण होने वाला दर्द असहनीय होता है, इसलिए गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए ये घातक साबित हो सकता है.

सिरदर्द की अधिकांश दवाओं जैसे कि एस्पिरिन और आईबूप्रोफेन आदि का सेवन गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता. हालांकि, कभी-कभार इसके लिए पैरासिटामोल ले सकते हैं. मगर, दवा लेने से पहले अपनी डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

गर्भावस्था के दौरान माइग्रेन से कैसे पाएं राहत :

  • माइग्रेन से राहत पाने के लिए आराम करना बेहतर जरूरी होता है इसलिए अच्छी नींद लें.
  • गर्भवती महिला को कम से कम 10-12 गिलास पानी पीना चाहिए.
  • स्वस्थ आहार का सेवन करें
  • लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं. एक्सरसाइज या योगा का नियमित अभ्यास कर सकते हैं.
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