मजदूरों और छात्रों को घर पहुंचाने के लिए चलेगी स्पेशल ट्रेन, गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी

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नई दिल्ली. लॉकडाउन में फंसे मजदूरों, छात्रों और अन्य लोगों की घर वापसी के लिए सरकार ने बड़ा फैसला किया है.  गृह मंत्रालय ने रेलवे को मजदूरों के लिए और ट्रेन चलाने की मंजूरी दे दी है. लेकिन इसके साथ ही सरकार ने कुछ शर्तें भी रखी है. सरकार ने कहा है कि तय नियम और कायदों के साथ ही इन लोगों को बसो के जरिए एक राज्य से दूसरे राज्य में भेजा जाएगा.

इसके लिए सभी जनरल मैनेजर को स्टेट चीफ सेक्रेटरीज से संपर्क कर ट्रेनें प्लान करने को कहा गया है. दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों, छात्रों और अन्य लोगों को निकालने के लिए स्पेशल ट्रेन को भी सरकार ने अनुमति दी है.  इसके लिए रेलवे बोर्ड व्यवस्था करेगा.

दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों को जाने की इजाजत दी मिल गई है. इन्हें रेलगाड़ियों से भी जाने की इजाजत दी गई है. राज्य और रेलवे बोर्ड इस दिशा में कार्य कर रहे हैं. 

बता दें कि देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए लाखों प्रवासी मजदूरों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों को बुधवार को कुछ शर्तों के साथ उनके गंतव्यों तक जाने की अनुमति मिल जाने के बाद इन लोगों को राहत की सांस जरूर मिली होगी.

पंजाब, बिहार, तेलंगाना और केरल ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया था कि लोगों को लाने के लिए विशेष ट्रेन चलाने  दी जाए. राज्यों ने कहा था कि लोगों की संख्या काफी ज्यादा है. बसों में इन लोगों को लाने के लिए ज्यादा समय लग जाएगा और  संक्रमण का खतरा भी रहेगा, क्योंकि कई राज्यों से होकर बसों को निकालना होगा.

बता दें कि तेलंगाना के लिंगमपल्ली में फंसे 1,200 प्रवासियों को झारखंड के हटिया तक ले जाने के लिए शुकव्रार को पहली विशेष ट्रेन चलाई. इस ट्रेन में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ख्याल रखा गया है.

हर बोगी में केवल 54 यात्रियों को बैठने की ही अनुमति दी गई जबकि उसमें 72 लोगों के बैठने की व्यवस्था होती है. ट्रेन आज रात 11 बजे हटिया पहुंचेगी और उसमें सवार सभी प्रवासियों को अलग-अलग केंद्रों में ले जाया जाएगा.अभी सिर्फ यही एक ट्रेन चलाई गई है, बाकी जगहों पर ट्रेनें नहीं चल रही हैं.