केजरीवाल की मुफ्त सफर की योजना से ‘मेट्रो मैन’ नाखुश, मोदी को लिखा पत्र

भारत में मेट्रो मैन के नाम से मशहूर और दिल्ली मेट्रो के पहले प्रबंध निदेशक (MD) ई. श्रीधरन ने केजरीवाल की योजना को झटका दिया है. मेट्रो मैन ने महिलाओं के लिए फ्री यात्रा की योजना को नुकसानदायक बताया है. उन्होंने इसकी जगह सब्सिडी की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खाते में जमा करने का सुझाव दिया है.

श्रीधरन ने इस योजना से नाराजगी जताते हुए बकायदे पीएम मोदी को एक पत्र भी लिखा है. चिट्ठी में उन्होंने पीएम मोदी से अपील की है कि वे केजरीवाल सरकार के इस प्रस्ताव को कतई सहमति ना दें. उन्होंने लिखा कि धीरे-धीरे अन्य शहरों में भी इस योजना को लागू करने का दबाव बनने लगेगा. जो कि अच्छी बात नहीं होगी.

अटलजी भी खरीदते थे टिकट

उन्होंने लिखा कि मेट्रो के व्यवस्थित तंत्र को बनाए रखने के लिए 2002 में मेट्रो सेवा शुरू होने के समय ही हमने किसी तरह की सब्सिडी नहीं देने का सैद्धांतिक फैसला किया था, और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भी इसकी प्रशंसा की थी. उन्होंने लिखा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी खुद भी टोकन खरीदकर यात्रा किया करते थे.

उन्होंने इस तरह की योजना का विरोध करते हुए कहा कि इससे मेट्रो प्रबंधन द्वारा विदेशी एजेंसियों से लिया गया कर्ज अदा करना मुश्किल होगा, और भारत के अन्य हिस्सों में मेट्रो चलाने का सपना पूरा करना बेहद मुश्किल हो जाएगा.

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि अगर चाहे तो अन्य सरकारी योजनाओं की तरह इस सब्सिडी को भी डीबीटी पद्धति से लाभार्थी के खाते में सीधे पहुंचाए.

मेट्रो ने 1566.64 करोड़ का एस्टीमेट दिया

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरिवंद केजरीवाल ने बताया कि DMRC ने सालाना 1566.64 करोड़ रुपये का एस्टीमेट दिया है, और सरकार को इसपर कोई ऐतराज नहीं है. उन्होंने कहा कि जितनी भी महिलाएं मेट्रो में सफर करेंगी, उनके बिलों का भुगतान सरकार करेगी.

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